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भारत और अफ्रीका के व्यापार को 2030 तक दोगुना करने की योजना

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और अफ्रीका के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक दोगुना करने का सुझाव दिया है। उन्होंने खनिज, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। गोयल ने कहा कि मौजूदा व्यापार की स्थिति संतोषजनक नहीं है, लेकिन कई अवसर मौजूद हैं। इस लेख में जानें कि कैसे भारत अफ्रीका के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को मजबूत कर सकता है।
 

भारत और अफ्रीका के बीच व्यापारिक संबंधों का विस्तार

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को सुझाव दिया कि भारत और अफ्रीका को 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 82 अरब डॉलर से दोगुना करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने खनिज, कृषि, प्रौद्योगिकी और विनिर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


वित्त वर्ष 2015-16 में द्विपक्षीय व्यापार 56 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 82 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसमें भारत का निर्यात 42 अरब डॉलर और आयात 40 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। गोयल ने कहा कि हालांकि अवसर बहुत हैं, लेकिन व्यापार की स्थिति संतोषजनक नहीं है।


मंत्री ने कहा, 'हमें 2030 तक व्यापार को दोगुना करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यह एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है, लेकिन इसे प्राप्त करना संभव है।' आंकड़े बताते हैं कि दोनों क्षेत्रों के बीच कई संभावनाएं मौजूद हैं। गोयल ने उद्योग जगत के एक कार्यक्रम में कहा, 'वर्तमान वैश्विक स्थिति को देखते हुए, यह हमारे लिए अपनी भागीदारी पर पुनर्विचार करने का एक सही समय है।'


उन्होंने यह भी बताया कि भारत, मॉरीशस को उच्च गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति कर सकता है, जिससे इस द्वीपीय राष्ट्र में दूध की कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।


गोयल ने कहा कि अफ्रीका 20 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की मोटर कारों का आयात करता है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी केवल 2 अरब अमेरिकी डॉलर है। उन्होंने कहा, 'इस क्षेत्र में कई अवसर मौजूद हैं।'


मंत्री ने यह भी कहा कि भारत कच्चे हीरे, सोना, पेट्रोलियम उत्पाद और दालों का आयात बढ़ा सकता है। कोबाल्ट और तांबा जैसे महत्वपूर्ण खनिज भारत में बैटरी निर्माण को बढ़ावा देने में सहायक हो सकते हैं।