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भारत और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर महत्वपूर्ण बातचीत

भारत और अमेरिका के नेताओं के बीच हाल ही में हुई बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने वैश्विक तेल आपूर्ति के महत्व को रेखांकित किया। इस वार्ता के दौरान, दोनों नेताओं ने तनाव कम करने और क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयासों पर सहमति जताई। जानें इस बातचीत के पीछे की वजह और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

भारत और अमेरिका के नेताओं के बीच बातचीत

नई दिल्ली। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। डीजल, पेट्रोल और एलपीजी की कमी का सामना किया जा रहा है। इस संकट के बीच, भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय वार्ता हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर बातचीत की, जिसमें वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। विशेष रूप से, होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की आवश्यकता पर दोनों नेताओं ने गंभीरता से विचार किया, क्योंकि यह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।

अमेरिकी राजदूत द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मोदी और ट्रंप के बीच बातचीत में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला रहना आवश्यक है ताकि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति में कोई रुकावट न आए। यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब इजरायल-ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है।

इस बीच, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बातचीत हुई और पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि भारत तनाव कम करने और शीघ्र शांति बहाल करने का समर्थन करता है। होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला, सुरक्षित और सुलभ रहना पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है। दोनों नेताओं ने शांति और स्थिरता के प्रयासों के लिए संपर्क में रहने पर सहमति जताई।

गौरतलब है कि, राष्ट्रपति ट्रंप ने एक दिन पहले कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है और कई मुद्दों पर सहमति बनने की संभावना है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष समझौता चाहते हैं और यदि बातचीत सही दिशा में बढ़ी, तो जल्द ही समाधान निकल सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि बातचीत की पहल ईरान की तरफ से हुई है और अमेरिका केवल प्रतिक्रिया दे रहा है। हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इन दावों का खंडन किया है।