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भारत और अमेरिका के व्यापार समझौते में प्रगति, रुबियो ने दी जानकारी

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। इसके अलावा, अमेरिका ने रूस पर कुछ प्रतिबंधों में राहत दी है, जिसका असर भारत और अन्य देशों पर भी पड़ सकता है। रुबियो ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और विविधता लाने के प्रयासों की सराहना की। जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता के बारे में और क्या कहा गया।
 

भारत और अमेरिका के व्यापार समझौते में सकारात्मक संकेत


भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर उत्साहजनक संकेत सामने आए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को बताया कि दोनों देश इस समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जल्द ही इस संबंध में सकारात्मक खबरें मिल सकती हैं।


समझौते के अंतिम मुद्दों पर सहमति

रुबियो, जो भारत की अपनी दूसरी आधिकारिक यात्रा पर हैं, ने कहा कि समझौते से जुड़े कुछ मुद्दों पर सहमति बनाना बाकी है। उनके अनुसार, दोनों पक्ष समझौते को अंतिम रूप देने के लिए काफी निकट पहुंच चुके हैं और इसे जल्द ही पूरा करने की उम्मीद है.


अमेरिका ने रूस पर प्रतिबंधों में दी राहत

SECRETARY RUBIO on TRADE AGREEMENT: We're very, very close. We're about as close as you can be without having an executed agreement. There's a small number of items left to wrap up, I think that will happen shortly. https://t.co/frwU0XbYAA

— Department of State (@StateDept) October 20, 2026


यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका ने रूस पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में राहत दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ रूसी ऊर्जा खरीद से संबंधित डीजल समझौते की घोषणा की थी। इन कदमों को अमेरिकी नीति में बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।


भारतीय सामान पर टैरिफ में कमी

अमेरिका पहले भारत की रूस से तेल खरीद की आलोचना कर चुका है। पिछले वर्ष भारतीय आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का एक कारण भी यही था। हालांकि, व्यापार वार्ता के आगे बढ़ने के साथ टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया।


रुबियो ने कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर प्रतिबंधों में छूट से जुड़े फैसलों में भी विचाराधीन रहा।


रूसी तेल पर भारत का रुख

मुंबई यात्रा के दौरान रुबियो से भारत की रूसी तेल खरीद के बारे में सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों का विकास करना समझदारी भरा कदम है। उनके अनुसार, भारत ने ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाने की इच्छा बार-बार जताई है और इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति भी की है।


जयशंकर के साथ ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा

रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। अब दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के शेष मुद्दों पर सहमति बनने और वार्ता के परिणामों का इंतजार है।