×

भारत और इजरायल के विदेश मंत्रियों के बीच फोन वार्ता: पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा

भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन साआर के साथ फोन पर बातचीत की, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति, ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर चर्चा की गई। इस वार्ता में अमेरिका के सख्त रुख का समर्थन किया गया और ईरान के परमाणु हथियारों पर रोक लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। जानें इस महत्वपूर्ण बातचीत के सभी पहलुओं के बारे में।
 

भारत और इजरायल के विदेश मंत्रियों के बीच महत्वपूर्ण बातचीत


भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन साआर के साथ फोन पर विस्तृत चर्चा की। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव, विशेषकर ईरान, लेबनान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति पर गहन विचार-विमर्श किया। जयशंकर ने इस वार्ता की जानकारी एक्स पर साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि दोपहर में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इजरायल की ओर से भी इस फोन कॉल को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है.


जयशंकर और गिदोन साआर के बीच फोन पर बातचीत

जयशंकर और गिदोन साआर ने आज दोपहर फोन पर बातचीत की, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।


इजरायल ने अमेरिका की शर्तों का समर्थन किया

गिदोन साआर ने बातचीत के दौरान पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान वार्ता में अमेरिका के सख्त रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने वाली शर्तें पूरी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।


गिदोन साआर का बयान

इजरायली विदेश मंत्री गिदोन साआर ने कहा कि भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उनकी बातचीत हमेशा की तरह अच्छी रही। उन्होंने ईरान, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लेबनान पर चर्चा की।


उन्होंने बताया कि वार्ता में अमेरिका का सख्त रुख, जो ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए आवश्यक है, पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है।


साआर ने यह भी कहा कि ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आर्थिक आतंकवाद के माध्यम से नौवहन की स्वतंत्रता को खतरे में डालना, सभी देशों के लिए, जिसमें भारत और खाड़ी क्षेत्र के मित्र भी शामिल हैं, के लिए नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।