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भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में सुधार की नई शुरुआत

भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में सुधार की नई शुरुआत हुई है, जिसमें पीएम मोदी ने मार्क कार्नी का स्वागत किया। दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग, व्यापार और तकनीकी समझौतों पर चर्चा की। कनाडाई पेंशन फंड्स ने भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश किया है, और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरे से दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद है।
 

नई दिल्ली में पीएम मोदी का स्वागत

नई दिल्ली: भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ समय से चल रही तनावपूर्ण स्थिति अब समाप्त होती नजर आ रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने मार्क कार्नी का भारत में गर्मजोशी से स्वागत किया और कहा कि दोनों देश लोकतंत्र, विविधता और मानवता के मूल्यों में एकजुट हैं। यह कार्नी का भारत का पहला दौरा है।


आर्थिक सहयोग पर जोर

इस मुलाकात में आर्थिक सहयोग को प्राथमिकता दी गई। कनाडाई पेंशन फंड्स ने भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश किया है। दोनों नेताओं ने व्यापारिक नेताओं से भी मुलाकात की और मध्य पूर्व की स्थिति पर चर्चा की। यह मुलाकात रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।


व्यापार और निवेश के नए लक्ष्य

पीएम मोदी ने कहा कि 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को जल्द पूरा करने का निर्णय लिया गया है, जिससे दोनों देशों में निवेश और रोजगार में वृद्धि होगी। मोदी ने कार्नी को सहयोग की गति के लिए श्रेय दिया और कनाडाई पेंशन फंड्स के 100 अरब डॉलर के निवेश को भारत की विकास यात्रा में विश्वास का प्रतीक बताया।


यूरेनियम और न्यूक्लियर सहयोग

भारत कनाडा से यूरेनियम की आपूर्ति के लिए लंबे समय से प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सिविल न्यूक्लियर क्षेत्र में प्रगति की उम्मीद जगी है। कार्नी ने कहा कि भारत में ऊर्जा, तकनीक और सेवाओं की मांग बढ़ रही है और कनाडा इसे पूरा करने के लिए तैयार है। महत्वपूर्ण खनिज और नवीकरणीय ऊर्जा पर MoU से सहयोग और गहरा होगा।


तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग

इस मुलाकात में भारत, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेक्नोलॉजी-इनोवेशन पर MoU पर हस्ताक्षर किए गए। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और कनाडाई मंत्री मनिंदर सिद्धू ने दस्तावेज साझा किए। तीन अन्य MoU महत्वपूर्ण खनिज, नवीकरणीय ऊर्जा और सांस्कृतिक सहयोग पर हुए। अनीता आनंद और जयशंकर ने इन्हें मोदी-कार्नी की मौजूदगी में आदान-प्रदान किया।


खराब रिश्तों में सुधार

2023 में ट्रूडो के आरोपों के कारण रिश्ते बिगड़ गए थे। भारत ने इन आरोपों को खारिज किया और कूटनीतिज्ञों को वापस बुला लिया। मार्क कार्नी ने सत्ता संभालने के बाद सुधार की कोशिश की। उच्चायुक्तों की वापसी हुई। पिछले साल G7 में मोदी-कार्नी की मुलाकात से रिश्ते पटरी पर आए। अब यह दौरा नई साझेदारी का मजबूत आधार बन रहा है।