भारत और सूरीनामा के बीच गहरे संबंधों की पुष्टि करते एस. जयशंकर
विदेश मंत्री की कैरिबियाई यात्रा
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस समय अपने 9 दिवसीय कैरिबियाई दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान, वे विभिन्न देशों का दौरा कर रहे हैं और भारत के व्यापारिक तथा रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में, उन्होंने सूरीनाम की राष्ट्रपति जेनिफर गीरलिंग्स-सीमंस से मुलाकात की। त्रिनिदाद और टोबैगो उनकी यात्रा का अगला पड़ाव होगा, जिसका उद्देश्य कैरिबियाई देशों के साथ भारत के संबंधों को और अधिक मजबूत करना है।
विदेश मंत्री की सोशल मीडिया पर जानकारी
अपने सूरीनाम दौरे के बारे में जानकारी साझा करते हुए, विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों की 'पूरी क्षमता' को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जयशंकर ने राष्ट्रपति गीरलिंग्स-सीमंस से मिलने की खुशी व्यक्त की और सूरीनाम की सरकार तथा जनता को शुभकामनाएं दीं।
द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा
इससे पहले, भारतीय और सूरीनामी प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त आयोग की बैठक में द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की। जयशंकर ने बताया कि बैठक में व्यापार, डिजिटल और निवेश, रक्षा, ऊर्जा, विकास सहायता, स्वास्थ्य, संस्कृति और लोगों के बीच आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
वार्ता के सकारात्मक परिणाम की उम्मीद
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज की चर्चाओं के परिणाम हमारे संबंधों को और गहरा और विविधतापूर्ण बनाएंगे। विदेश मंत्री ने अपने समकक्ष मेल्विन बोउवा से भी मुलाकात की, जिसमें उनकी गर्मजोशी भरी बातचीत हुई। यात्रा के दौरान, उन्होंने बाबा और माई स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की, जो सूरीनाम में आए पहले हिंदुस्तानी लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।