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भारत का ईरान-अमेरिका सीजफायर पर पहला आधिकारिक बयान

भारत सरकार ने अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने इसे स्थायी शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि संघर्ष का आम लोगों पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। इसके साथ ही, फारस की खाड़ी में फंसे भारतीय नाविकों को राहत मिलने की उम्मीद है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सीजफायर की घोषणा की है, जिसमें ईरान के साथ विवादित मुद्दों पर सहमति बनने की बात कही गई है।
 

भारत की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली - अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा के बाद, भारत सरकार ने अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने इस सीजफायर का स्वागत करते हुए कहा है कि यह पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी कहा कि क्षेत्र में तनाव को समाप्त करने के लिए संवाद, कूटनीति और तनाव कम करना सबसे प्रभावी उपाय है।


आम लोगों पर प्रभाव

विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि इस संघर्ष का आम जनता पर गंभीर प्रभाव पड़ा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार नेटवर्क बाधित हुए हैं। भारत ने आशा व्यक्त की है कि अब होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से समुद्री यातायात सामान्य हो सकेगा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार बिना किसी रुकावट के जारी रह सकेगा।


भारतीय नाविकों को राहत

फारस की खाड़ी में फंसे भारतीय नाविकों को राहत
सीजफायर की घोषणा के साथ ही होर्मुज का रास्ता फिर से खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारत सरकार के अनुसार, इस समय फारस की खाड़ी में भारत के 16 जहाज लंगर डाले हुए हैं, जिन पर कुल 433 भारतीय नाविक सवार हैं। हालात सामान्य होने के बाद ये जहाज अपने गंतव्य की ओर रवाना होने की तैयारी में हैं। अनुमान है कि इन्हें भारत पहुंचने में 3 दिन से लेकर एक सप्ताह तक का समय लग सकता है।


ट्रंप का ऐलान

डेडलाइन से पहले ट्रंप का ऐलान
सीजफायर की समय-सीमा से करीब डेढ़ घंटे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी घोषणा की थी। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि ईरान के साथ प्रमुख विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अगले दो सप्ताह में समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमत हो गया है।


ट्रंप के दावे

ट्रंप के अनुसार, अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल कर चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का प्रस्ताव मिला है, जो आगे की बातचीत के लिए एक ठोस आधार प्रदान करता है।