भारत का कार्बन उत्सर्जन: पीएम मोदी ने पर्यावरण सुरक्षा में की उपलब्धियों की चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी का पर्यावरण पर जोर
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में भारत की पर्यावरण संबंधी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत के आधे से भी कम है। उन्होंने यह भी बताया कि विकसित देशों की तुलना में यह आंकड़ा लगभग छह गुना कम है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत इन आंकड़ों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से प्रस्तुत करता है और वैश्विक सहयोग से पर्यावरण सुरक्षा के नए मानक स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
समय से पहले पूरे किए गए वादे
सभी वादे समय से पहले पूरे किए: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने वन वर्ल्ड वन ग्रिड, इंटरनेशनल सोलर एलायंस, ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस, इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस और मिशन लाइफ जैसे विभिन्न मंचों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में पर्यावरण के क्षेत्र में भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। खासकर, रिन्यूएबल एनर्जी में भारत जी-20 का एकमात्र ऐसा देश है जिसने पेरिस में कॉप-21 के दौरान किए गए सभी वादे समय से पहले पूरे कर लिए हैं।
भारत के पर्यावरण वादों की उपलब्धियां
कौन-कौन से वादे हुए पूरे
उन्होंने बताया कि 12 साल पहले देश की सोलर क्षमता केवल दो गीगावॉट थी, जो अब 160 गीगावॉट से अधिक हो गई है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 50 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं और प्रत्येक घर को लगभग 80 हजार रुपये तक की सहायता दी गई है। कुसुम योजना के तहत 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाए गए हैं। वन नेशन वन ग्रिड का कार्य पूरा हो चुका है और करोड़ों एलईडी बल्ब घर-घर पहुंच चुके हैं। सौर ऊर्जा के माध्यम से लगभग 20 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन को रोका गया है।
अन्य ऊर्जा स्रोतों में वृद्धि
इसके अलावा, पवन ऊर्जा की क्षमता तीन गुना बढ़ गई है। हाइड्रो और न्यूक्लियर ऊर्जा में भी अच्छी वृद्धि हुई है। कुल मिलाकर, नॉन-फॉसिल ऊर्जा क्षमता लगभग चार गुना बढ़ी है। कोल गैसिफिकेशन, क्लीन मोबिलिटी और ग्रीन हाइड्रोजन पर भी तेजी से काम चल रहा है। हाल ही में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन हुआ, जो दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन भी है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में लगभग 9900 गुना की वृद्धि हुई है। 2014 से पहले, सालाना तीन हजार से कम ईवी बिकते थे, जबकि पिछले वर्ष लगभग 25 लाख ईवी बिके।
जल संरक्षण और परिवहन में सुधार
मेट्रो, रेलवे और जल संरक्षण के प्रयास
मेट्रो नेटवर्क भी तेजी से विस्तारित हुआ है। पहले केवल पांच शहरों में 250 किलोमीटर से कम मेट्रो थी, अब 20 से अधिक शहरों में 1000 किलोमीटर से अधिक का नेटवर्क हो गया है। रेलवे का लगभग पूरा विद्युतीकरण हो चुका है। जल संरक्षण के क्षेत्र में 70 हजार से अधिक अमृत सरोवर बनाए गए हैं और कैच द रेन अभियान के तहत डेढ़ करोड़ वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं तैयार की गई हैं। मिलेट का निर्यात 1.5 लाख टन तक पहुंच गया है और भारत के प्रयासों से 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया गया।
भारत का योगदान
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े केवल देश के विकास के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के भविष्य के लिए भारत के योगदान का प्रतीक हैं। धरती को मां मानने वाली भारतीय सोच के साथ, देश एक जिम्मेदार और टिकाऊ भविष्य की ओर अग्रसर है।