भारत का मानवाधिकारों पर संवाद और विकास का दृष्टिकोण
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का 61वां सत्र
संयुक्त राष्ट्र: भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मानवाधिकारों के संदर्भ में एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि हमें राजनीतिक बयानबाजी से ऊपर उठकर इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। यह बयान उन्होंने यूएनएचआरसी के 61वें सत्र में वर्चुअल माध्यम से दिया।
आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने की आवश्यकता
विदेश मंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने और क्षमता निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों का मुख्य उद्देश्य कमजोर वर्ग के जीवन में सुधार लाना होना चाहिए।
जयशंकर ने कहा कि भारत एक ऐसे विश्व में साझा आधार खोजने का प्रयास कर रहा है जो अनिश्चितता और संघर्ष से ग्रस्त है। उन्होंने संवाद को प्राथमिकता देने और मानव-केंद्रित विकास पर जोर दिया।
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