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भारत का वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम: प्रगति और चुनौतियाँ

भारत सरकार का वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें 1,248 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। हालांकि, जुलाई 2026 तक केवल 283 परियोजनाएँ पूरी हुई हैं। इस योजना का उद्देश्य स्थानीय आय के स्रोतों को बढ़ाना और बुनियादी ढांचे में सुधार करना है। जानें कि कैसे विभिन्न राज्यों में परियोजनाओं की स्वीकृति और प्रगति में अंतर है, और दूसरे चरण की चुनौतियाँ क्या हैं।
 

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की स्थिति

भारत सरकार के महत्वाकांक्षी वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP) के अंतर्गत गृह मंत्रालय (MHA) ने अब तक 1,248 परियोजनाओं को स्वीकृति दी है, लेकिन जुलाई 2026 तक केवल 283 परियोजनाएँ ही पूरी हो पाई हैं। इन स्वीकृत परियोजनाओं की कुल लागत 3,020.32 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक केवल 953.47 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं.


विकास के लिए प्राथमिकता वाले गांव

यह योजना उत्तरी सीमा से सटे गांवों के विकास के लिए 2023 में शुरू की गई थी। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के पहले चरण में अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और लद्दाख के 662 गांवों को प्राथमिकता दी गई है, जिनकी कुल जनसंख्या लगभग 1.42 लाख है.


अरुणाचल प्रदेश की प्रमुखता

गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश को सबसे अधिक 832 परियोजनाएँ स्वीकृत हुई हैं। इसके बाद उत्तराखंड को 152, हिमाचल प्रदेश को 98, लद्दाख को 79 और सिक्किम को 87 परियोजनाएँ मिली हैं. यह स्पष्ट है कि अरुणाचल प्रदेश को मंजूरी में सबसे बड़ा हिस्सा मिला है, जबकि अन्य राज्यों की संख्या अपेक्षाकृत कम है.


सड़क और पुलों के लिए बजट

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के पहले चरण के तहत कुल 4,800 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था, जिसमें से 2,500 करोड़ रुपये सड़क संपर्क के लिए आवंटित किए गए हैं। अब तक 2,481.93 करोड़ रुपये की लागत से 111 सड़क परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं, जो 134 गांवों को जोड़ेंगी, जहां पहले कोई सड़क संपर्क नहीं था.


पर्यटन परियोजनाओं की स्थिति

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत, पर्यटन को स्थानीय आय का नया स्रोत बनाने के लिए 145 करोड़ रुपये की लागत से 327 पर्यटन परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। इनमें व्यूपॉइंट, एडवेंचर टूरिज्म, इको-टूरिज्म, इको-रिजॉर्ट, ट्रेक रूट और टूरिस्ट सेंटर शामिल हैं, लेकिन इनमें से कितनी परियोजनाएँ वास्तव में पूरी हुई हैं, यह स्पष्ट नहीं है.


विकास कार्यक्रमों का प्रभाव

31 जुलाई 2026 तक सीमावर्ती क्षेत्रों में 8,800 से अधिक विकास कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें जागरूकता अभियान, सरकारी सेवा शिविर, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा कैंप और कौशल प्रशिक्षण शामिल हैं. अरुणाचल प्रदेश में सबसे अधिक 2,990 विकास कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जबकि अन्य राज्यों में यह संख्या कम है.


दूसरे चरण की शुरुआत

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2 अप्रैल 2025 को वाइब्रेंट विलेज के दूसरे चरण को मंजूरी दी थी, जिसकी औपचारिक शुरुआत 20 फरवरी 2026 को असम के कछार जिले के नाथनपुर गांव में हुई थी. इस चरण का बजट 6,839 करोड़ रुपये है और यह वित्त वर्ष 2028-29 तक चलेगा.