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भारत की अर्थव्यवस्था में 7.8% की वृद्धि, पीएम मोदी ने इसे असाधारण बताया

भारत की जीडीपी वृद्धि दर पहली तिमाही में 7.8% पर पहुंच गई है, जो कि भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमानों से अधिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे असाधारण उपलब्धि करार दिया है और देशवासियों से स्थानीय पर्यटन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। हालांकि, माह दर माह आधार पर वृद्धि में कमी आई है। जानें इस पर पीएम मोदी के विचार और अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
 

भारत की जीडीपी वृद्धि दर


भारत की पहली तिमाही जीडीपी वृद्धि दर: देश की आर्थिक स्थिति में सुधार जारी है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्वानुमानों को पार करते हुए जीडीपी वृद्धि दर 7.8% दर्ज की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 'मिसाल कायम करने वाला' बताया और देशवासियों से स्थानीय पर्यटन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।


माह दर माह आधार पर कमी

हालांकि, अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर में माह दर माह कमी आई है, लेकिन यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में अधिक है। पिछली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 8.6% थी, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 6.9% थी।


आरबीआई के अनुमानों से अधिक

आरबीआई ने पहले अनुमान लगाया था कि पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7% रहेगी। आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय, रियल एस्टेट, आईटी और पेशेवर सेवाओं ने भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


पीएम मोदी ने इसे असाधारण उपलब्धि बताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विकास दर को 'असाधारण उपलब्धि' करार दिया। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, "वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत का 7.8% जीडीपी ग्रोथ असाधारण उपलब्धि है।"


विपक्ष पर कटाक्ष

7.8% GDP ग्रोथ रेट देश के 140 करोड़ भारतीयों के परिश्रम, विश्वास और सामूहिक संकल्प की ताकत को दर्शाती है। माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए देशवासियों को बधाई देते हुए इसे भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था और सशक्त नीतियों का परिणाम बताया।

वैश्विक… pic.twitter.com/VvH4B5a6H6

— BJP Bihar (@BJP4Bihar) September 1, 2026


उन्होंने कहा, "देश खुशियों से भर गया है। मैं देशवासियों को उनके संकल्प और मेहनत के लिए बधाई देता हूं।"


स्वदेशीकरण पर जोर

प्रधानमंत्री ने स्वदेशीकरण पर जोर देते हुए कहा कि शादी-विवाह और पर्यटन के लिए विदेश जाने की बजाय देश में ही रहकर इन गतिविधियों को करना चाहिए।