भारत की कूटनीतिक रणनीति: वेनेजुएला से तेल खरीदने पर स्पष्टता और अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों में मजबूती
भारत की कूटनीतिक प्राथमिकताएँ
नई दिल्ली : वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में, भारत अपनी कूटनीतिक स्वतंत्रता और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में ऊर्जा सुरक्षा, द्विपक्षीय व्यापारिक वार्ताओं और पश्चिम एशिया के संकट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर देश का दृष्टिकोण स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि भारत की विदेश नीति आर्थिक लाभ और सामरिक हितों पर आधारित है, चाहे वह ऊर्जा के नए स्रोतों की खोज हो या वैश्विक शांति में सक्रिय भागीदारी।
भारत की स्थिति पर स्पष्टता
भारत ने वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद के संबंध में अपनी स्थिति को स्पष्ट कर दिया है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि तेल की खरीद तभी की जाएगी जब उसकी निरंतर आपूर्ति और आर्थिक लाभ सुनिश्चित हो। भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केवल उन विकल्पों का चयन कर रहा है जो उसके सामरिक और दीर्घकालिक हितों के अनुकूल हों। यह निर्णय वैश्विक बाजार में भारत की मजबूत स्थिति और अपनी शर्तों पर व्यापार करने की क्षमता को दर्शाता है।
भारत-अमेरिका संबंधों में मजबूती
भारत और अमेरिका अपने द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रवक्ता ने बताया कि दोनों देश एक व्यापक व्यापारिक समझौते पर काम कर रहे हैं, जो पारस्परिक लाभ पर आधारित होगा। इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति के लिए भारतीय वार्ताकारों का एक उच्चस्तरीय दल अगले सप्ताह अमेरिका का दौरा करेगा। यह कूटनीतिक पहल दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को दूर करने और स्थायी आर्थिक साझेदारी की नींव रखने में सहायक होगी।
फिलिस्तीन राज्य की स्थापना का समर्थन
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच, भारत ने फिलिस्तीन मुद्दे पर अपनी ऐतिहासिक स्थिति को फिर से दोहराया है। इंडिया-अरब लीग मंत्रीस्तरीय बयान के अनुसार, भारत 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र और संप्रभु फिलिस्तीन राज्य की स्थापना का समर्थन करता है। भारत चाहता है कि ऐसा राष्ट्र बने जो इजरायल के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व बनाए रखे। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और अरब शांति पहल के प्रति भारत की यह प्रतिबद्धता वैश्विक न्याय के प्रति उसके समर्पण को दर्शाती है।
गाजा शांति पहल का समर्थन
गाजा में शांति बहाली के प्रयासों में, भारत एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने वाशिंगटन डीसी में बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में एक पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया है। भारत, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 का समर्थन करता है। भारत का यह रुख स्पष्ट करता है कि वह युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय समाधान और स्थायी शांति की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।