भारत की जनगणना 2027: धार्मिक समुदायों का ग्रामीण-शहरी वितरण
भारत की जनगणना 2027 की तैयारी
भारत अब अपनी अगली जनगणना की ओर बढ़ रहा है, जिसे 'जनगणना 2027' के रूप में जाना जा रहा है। इस संदर्भ में, 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर ध्यान देना आवश्यक है। 2011 के आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न धार्मिक समुदायों के ग्रामीण और शहरी निवास का पैटर्न एक दिलचस्प तस्वीर प्रस्तुत करता है। उदाहरण के लिए, जैन धर्म के अनुयायी सबसे अधिक शहरी क्षेत्रों में निवास करते हैं, जबकि हिंदू धर्म के अनुयायी मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में बसे हुए हैं.
धार्मिक समुदायों का ग्रामीण-शहरी संतुलन
इसी प्रकार, बौद्ध, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों का भी ग्रामीण-शहरी संतुलन विभिन्न पैटर्न को दर्शाता है। जनगणना 2027 से पहले इन आंकड़ों का विश्लेषण करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये देश की सामाजिक और आर्थिक दिशा को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
धार्मिक समुदाय: ग्रामीण बनाम शहरी जनसंख्या
धार्मिक समुदाय कुल जनसंख्या ग्रामीण जनसंख्या शहरी जनसंख्या ग्रामीण % शहरी %
हिन्दू 96,62,57,353 68,40,93,951 28,21,63,402 70.80% 29.20%
मुस्लिम 17,22,45,158 10,35,04,739 6,87,40,419 60.09% 39.91%
ईसाई 2,78,19,588 1,66,57,065 1,11,62,523 59.87% 40.13%
सिख 2,08,33,116 1,49,30,792 59,02,324 71.67% 28.33%
बौद्ध 84,42,972 48,14,849 36,28,123 57.03% 42.97%
जैन 44,51,753 9,04,809 35,46,944 20.33% 79.67%
कुल जनसंख्या 1,21,00,50,000 85,00,00,000 36,00,00,000 - -
शहरों में किस धर्म के कितने लोग रहते हैं?
जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में जैन समुदाय सबसे अधिक शहरी निवास करने वाला धार्मिक समूह है। जैनों की कुल जनसंख्या लगभग 44.5 लाख है, जिसमें से 35.4 लाख लोग, यानी लगभग 80%, शहरों में निवास करते हैं। इसके बाद बौद्ध समुदाय का स्थान है, जिनकी कुल जनसंख्या 84.4 लाख है, जिनमें से 36.2 लाख लोग, यानी लगभग 42%, शहरी क्षेत्रों में रहते हैं.
गांवों में किस धर्म के कितने लोग रहते हैं?
गांवों में सबसे अधिक जनसंख्या सिख धर्म के अनुयायियों की है। सिख धर्म के 1.49 करोड़ लोग, यानी लगभग 72%, गांवों में निवास करते हैं। इसके बाद हिंदू धर्म के अनुयायी आते हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 68.40 करोड़ है, जिसमें से लगभग 71% लोग गांवों में रहते हैं.
सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी कहां है?
जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में मुसलमानों की कुल जनसंख्या 17.22 करोड़ है, जो देश का दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक समूह है। इनमें से 6.87 करोड़ मुसलमान शहरों में निवास करते हैं, यानी लगभग 40% शहरी आबादी है।