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भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में पांचवां स्थान, एआई में चौथा

भारत ने हाल ही में डिजिटल अर्थव्यवस्था में पांचवां स्थान प्राप्त किया है और एआई प्रदर्शन में चौथा स्थान हासिल किया है। यह रिपोर्ट आईसीआरआईईआर-प्रोसस सेंटर द्वारा जारी की गई है, जिसमें बताया गया है कि भारत ने डिजिटल कनेक्टिविटी और नवाचार में सुधार किया है। अध्ययन में यह भी सामने आया है कि भारत और चीन मिलकर वैश्विक एआई उपयोग का एक बड़ा हिस्सा रखते हैं। जानें इस रिपोर्ट के अन्य महत्वपूर्ण निष्कर्ष और आंकड़े।
 

भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की स्थिति


एआई प्रदर्शन में चौथा स्थान
भारत ने वैश्विक स्तर पर डिजिटल अर्थव्यवस्था में पांचवां स्थान हासिल किया है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में चौथे स्थान पर है। यह जानकारी आईसीआरआईईआर-प्रोसस सेंटर फॉर इंटरनेट एंड डिजिटल इकोनॉमी द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में दी गई है।


पिछले वर्ष 2025 में भारत डिजिटल अर्थव्यवस्था में आठवें स्थान पर था। एआई प्रदर्शन के मामले में, भारत अमेरिका, चीन और सिंगापुर के बाद चौथे स्थान पर है। यह प्रगति डिजिटल कनेक्टिविटी, फिनटेक विकास और नवाचार क्षमताओं में सुधार का परिणाम है।


विकसित देशों को पीछे छोड़ते हुए

एक अध्ययन में 71 देशों का डेटा शामिल है, जो दुनिया की जीडीपी का 96% कवर करता है। इस अध्ययन से पता चलता है कि भारत डिजिटल प्रदर्शन में जर्मनी, फ्रांस, जापान और कनाडा जैसे विकसित देशों से आगे निकल चुका है। भारत ने डिजिटल माध्यमों से लगभग 31 लाख करोड़ रुपये का व्यापार किया है और यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एआई टैलेंट हब है।


विकासशील देशों में एआई उपयोगकर्ताओं की संख्या

रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि दुनिया के 72% एआई उपयोगकर्ता अब विकासशील देशों में हैं। भारत और चीन मिलकर वैश्विक एआई उपयोग का लगभग 40% हिस्सा रखते हैं, जबकि भारत अकेले 26% का योगदान देता है।