भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: आरामदायक यात्रा का नया अनुभव
भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का आगाज़
भारतीय रेलवे ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पेश करने की योजना बनाई है। यह ट्रेन विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा के लिए डिज़ाइन की गई है, जिससे यात्री आराम से सोते हुए यात्रा कर सकें। रेलवे ने इसके मार्ग की घोषणा कर दी है, और यह ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता के हावड़ा स्टेशन के बीच चलेगी।
जनवरी 2026 में शुरू होने की संभावना
जनवरी 2026 में हो सकती है शुरुआत
सूत्रों के अनुसार, इस नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन नए साल 2026 में 17 या 18 जनवरी को हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। इसे पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के बीच तेज और आरामदायक यात्रा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की विशेषताएँ
क्या है वंदे भारत स्लीपर की खासियत
अब तक वंदे भारत ट्रेनें चेयर कार में चलती थीं, जहां यात्रियों को बैठकर यात्रा करनी होती थी। लेकिन स्लीपर वर्जन में यात्रियों को बेड की सुविधा मिलेगी, जिससे रात की यात्रा अधिक आरामदायक हो जाएगी। ट्रेन का इंटीरियर्स आधुनिक हैं और यात्रियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है।
किराया और सुविधाएँ
कितना होगा किराया
रेलवे ने इस स्लीपर ट्रेन का किराया भी निर्धारित कर दिया है, जिसमें भोजन की सुविधा भी शामिल होगी।
1AC का किराया: 3,600 रुपये
2AC का किराया: 3,000 रुपये
3AC का किराया: 2,300 रुपये
सफल हाई-स्पीड ट्रायल
हाई-स्पीड ट्रायल रहा सफल
भारतीय रेलवे ने इस ट्रेन का अंतिम हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। ट्रायल के दौरान ट्रेन की अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंची। इस दौरान ब्रेकिंग सिस्टम, इमरजेंसी ब्रेक, सुरक्षा और राइड क्वालिटी की गहन जांच की गई।
आधुनिक सुविधाएँ
मॉडर्न वॉशरूम और नई तकनीक से लैस
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आधुनिक वॉशरूम उपलब्ध हैं, जिनमें सेंसर वाले नल लगाए गए हैं, जिससे सफाई बनी रहे। क्लीनिंग सिस्टम को भी पहले से बेहतर किया गया है।
यात्री सुरक्षा के लिए नई सुविधाएँ
इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट लगाई गई है। किसी भी आपात स्थिति में यात्री सीधे ट्रेन मैनेजर या लोको पायलट से संपर्क कर सकेंगे। यह सुविधा ट्रेन यात्रा को और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।