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भारत की पासपोर्ट रैंकिंग में गिरावट, अमेरिका टॉप-10 से बाहर

ग्लोबल सिटिजन सॉल्यूशंस द्वारा जारी रिपोर्ट में भारत की पासपोर्ट रैंकिंग में गिरावट आई है, जो अब 125वें स्थान पर है। अमेरिका टॉप-10 से बाहर हो गया है, जबकि स्वीडन का पासपोर्ट सबसे ताकतवर माना गया है। जानें किन देशों को भारत वीजा-मुक्त यात्रा की अनुमति देता है और पड़ोसी देशों की स्थिति क्या है।
 

नई दिल्ली में पासपोर्ट रैंकिंग का खुलासा

नई दिल्ली: यदि आप विदेश यात्रा के शौकीन हैं या विभिन्न देशों की ताकत का आकलन उनके पासपोर्ट से करते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण है। ग्लोबल सिटिजन सॉल्यूशंस (GCS) ने अपनी पांचवीं वार्षिक रिपोर्ट में दुनिया के सबसे मजबूत और कमजोर पासपोर्ट की नई सूची जारी की है। इस बार ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं, जिसमें अमेरिका टॉप-10 से बाहर हो गया है, जबकि भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ी गिरावट आई है। इस इंडेक्स में केवल वीजा-मुक्त यात्रा की अनुमति को ही नहीं, बल्कि वैश्विक गतिशीलता, निवेश की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता को भी प्रमुख मानक माना गया है।


भारत की रैंकिंग में गिरावट

हालिया रैंकिंग के अनुसार, 197 देशों की सूची में भारत 125वें स्थान पर है, जबकि पिछले वर्ष यह 124वें स्थान पर था। हालांकि, यदि 2021 से तुलना की जाए, तो भारत की स्थिति में दो पायदान का सुधार हुआ है, क्योंकि उस समय भारतीय पासपोर्ट 127वें स्थान पर था। वर्तमान रैंकिंग में भारत से ऊपर 124वें स्थान पर नामीबिया और 126वें स्थान पर अजरबैजान हैं। भारत का कंपोजिट स्कोर 45.1 है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का मोबिलिटी स्कोर सुधरा है, लेकिन अन्य देशों ने अपनी यात्रा पहुंच को तेजी से बढ़ाया है, जिसके कारण भारत को एक स्थान की हानि उठानी पड़ी है।


वीजा-मुक्त यात्रा की जानकारी

रिपोर्ट के अनुसार, भारत 26 देशों के नागरिकों को बिना वीजा के प्रवेश की अनुमति देता है। इनमें भूटान, जमैका, मकाओ, नेपाल, फिलिस्तीन, ट्यूनीशिया और अंगोला शामिल हैं। दूसरी ओर, भारतीय पासपोर्ट धारकों को 88 देशों में यात्रा के लिए वीजा लेना अनिवार्य है, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, चीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। यह इंडेक्स मुख्य रूप से तीन मानकों पर आधारित है: एनहांस्ड मोबिलिटी (50 प्रतिशत), निवेश (25 प्रतिशत) और जीवन की गुणवत्ता (25 प्रतिशत)।


दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट

ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में यूरोपीय देशों का दबदबा देखने को मिला है। स्वीडन का पासपोर्ट सबसे ताकतवर माना गया है और वह पहले स्थान पर है। इसके बाद स्विट्जरलैंड, फिनलैंड, जर्मनी, नीदरलैंड्स, डेनमार्क, आयरलैंड, यूके, नॉर्वे और सिंगापुर का नंबर आता है। एशिया में केवल सिंगापुर ही टॉप-10 में जगह बनाने में सफल रहा है। वहीं, अमेरिका और फ्रांस संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर खिसक गए हैं, जबकि कनाडा 13वें स्थान पर है।


पड़ोसी देशों की स्थिति

भारत के पड़ोसी देशों में चीन 104वें स्थान पर है, जबकि बांग्लादेश 166वें और नेपाल 164वें स्थान पर है। पाकिस्तान का पासपोर्ट 188वें स्थान पर है, जो इसे दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट में से एक बनाता है। सबसे कमजोर पासपोर्ट वाले देशों में सोमालिया, दक्षिण सूडान, यमन, सीरिया, इरिट्रिया (193वां स्थान) और सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक (189वां स्थान) शामिल हैं।