भारत की सुरक्षा के लिए रॉकेट-मिसाइल फोर्स की आवश्यकता: सेना प्रमुख का बयान
सेना प्रमुख का महत्वपूर्ण बयान
सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बयान में कहा कि भारत को एक समर्पित रॉकेट-मिसाइल बल की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, देश को ऐसी सैन्य शक्ति की आवश्यकता है जिसमें रॉकेट और मिसाइल दोनों की क्षमताएं शामिल हों। यह बयान उन्होंने सेना दिवस से पहले आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया।
बदलते युद्ध के तरीकों की आवश्यकता
जनरल द्विवेदी ने बताया कि युद्ध के तरीकों और क्षेत्रीय परिस्थितियों में बदलाव के कारण रॉकेट और मिसाइल क्षमताएं अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता बन गई हैं। चीन और पाकिस्तान पहले ही इस दिशा में कदम उठा चुके हैं, इसलिए भारत को अपनी रणनीति को और मजबूत करना होगा।
पिनाका और अन्य प्रणालियों पर प्रगति
सेना प्रमुख ने जानकारी दी कि भारत स्वदेशी पिनाका रॉकेट सिस्टम को लगातार और अधिक शक्तिशाली बना रहा है, जिसकी मारक क्षमता अब 120 किलोमीटर तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा, प्रलय जैसी आधुनिक मिसाइलों और अन्य रॉकेट प्रणालियों पर भी तेजी से काम चल रहा है। इन प्रणालियों के माध्यम से सेना को तेज, सटीक और दूर तक मार करने की क्षमता प्राप्त होती है, जो आधुनिक युद्ध में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
रॉकेट-मिसाइल फोर्स की आवश्यकता
जनरल द्विवेदी ने यह भी बताया कि सरकार इस बात से सहमत है कि रॉकेट-मिसाइल बल की आवश्यकता है। अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि यह बल भारतीय सेना के अंतर्गत रहेगा या इसे सीधे रक्षा मंत्रालय के नियंत्रण में रखा जाएगा। इस पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
रॉकेट फोर्स का महत्व
रॉकेट फोर्स एक विशेष सैन्य इकाई होती है, जो लंबी दूरी तक मार करने वाले रॉकेट और मिसाइल सिस्टम का संचालन करती है। आधुनिक युद्ध में आमने-सामने की लड़ाई के बजाय तकनीक आधारित हमलों की भूमिका बढ़ गई है। इस तरह की फोर्स के माध्यम से सैनिकों को सीधे युद्ध क्षेत्र में भेजे बिना दुश्मन के महत्वपूर्ण ठिकानों को नष्ट किया जा सकता है।
ऑपरेशन सिंदूर से मिली सीख
भारत की इस नई सोच के पीछे ऑपरेशन सिंदूर की सफलता भी एक महत्वपूर्ण कारण मानी जा रही है। मई 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने यह ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी ठिकानों पर ब्रह्मोस और स्कैल्प मिसाइलों से सटीक हमले किए।
चीन और पाकिस्तान की बढ़ती चुनौती
भारत के दोनों पड़ोसी पहले ही अपनी मिसाइल ताकत को मजबूत कर चुके हैं। चीन ने 2015 में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स का गठन किया था, जो आज दुनिया की सबसे बड़ी और शक्तिशाली मिसाइल फोर्स मानी जाती है। वहीं, ऑपरेशन सिंदूर में मिली हार के बाद पाकिस्तान ने भी 13 अगस्त 2025 को चीन की तर्ज पर आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड बनाने की घोषणा की है।