भारत की सुरक्षा पर जोर: होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नागरिक सुरक्षित
भारत सरकार की स्थिति स्पष्ट
हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में दो विदेशी जहाजों पर हुई फायरिंग के संदर्भ में, भारत सरकार ने स्थिति पर ध्यान रखते हुए यह स्पष्ट किया है कि इन जहाजों पर मौजूद सभी भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि ये जहाज विदेशी हैं, लेकिन इनके चालक दल में कुछ भारतीय भी शामिल हैं।
भारत की प्रतिक्रिया विवादित पोस्ट पर
उन्होंने यह भी बताया कि किसी भारतीय को कोई नुकसान नहीं हुआ है और सरकार लगातार ईरान के साथ संपर्क में है ताकि भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक विवादास्पद पोस्ट पर भारत की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। इस पोस्ट में भारत और चीन के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार ने संबंधित रिपोर्ट्स देखी हैं, लेकिन इस विषय पर अधिक टिप्पणी करने से बचने का निर्णय लिया है।
यह विवाद तब बढ़ा जब ट्रंप ने एक एंटी-इमिग्रेशन पोस्ट को री-शेयर किया, जिसमें कहा गया कि अमेरिका में जन्मे बच्चे नागरिकता प्राप्त कर अपने परिवारों को भारत, चीन और अन्य देशों से बुला लेते हैं। पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि नए प्रवासियों के कारण अमेरिका में अंग्रेजी का उपयोग कम हो रहा है और उनकी निष्ठा पहले जैसी नहीं रही।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस टिप्पणी पर भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस पार्टी ने इसे भारत का अपमान बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि इस मुद्दे को अमेरिका के समक्ष मजबूती से उठाया जाए। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे मामलों पर सरकार की चुप्पी उचित नहीं है और इसे लेकर सख्त रुख अपनाने की आवश्यकता है।
इसके अलावा, सरकार ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकर के कप्तान ने सुरक्षित मार्ग के लिए भुगतान किया था। जहाजरानी मंत्रालय के अधिकारियों ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया और कहा कि किसी भी भारतीय जहाज ने ऐसा कोई भुगतान नहीं किया है।
सोशल मीडिया पर वायरल 'क्रिप्टो पेमेंट' से जुड़ी खबरों को भी सरकार ने फर्जी करार दिया है। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह निराधार है और भारतीय जहाज निर्धारित नियमों के तहत सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, भारत ने फ्रांस के उस निर्णय का स्वागत किया है, जिसके अनुसार 10 अप्रैल 2026 से भारतीय नागरिकों को फ्रांस के एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट क्षेत्र से गुजरने के लिए अब ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता नहीं होगी। यह सुविधा उन यात्रियों को मिलेगी जो किसी तीसरे देश की यात्रा के दौरान फ्रांस में केवल ट्रांजिट में रुकते हैं।