भारत की सेमीकॉन 2.0 योजना: 5 लाख करोड़ रुपए का निजी निवेश आकर्षित करने की क्षमता
सेमीकॉन 2.0 योजना का स्वागत
नई दिल्ली: इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम) क्षेत्र ने सरकार द्वारा 1.27 लाख करोड़ रुपए के बजट वाली सेमीकॉन 2.0 योजना की घोषणा का स्वागत किया है। उद्योग का मानना है कि यह योजना अगले पांच से सात वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निजी निवेश को आकर्षित कर सकती है, जिससे भारत के सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी।
आईईएसए की प्रतिक्रिया
इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आईईएसए) ने बताया कि यह योजना पहले से चल रहे सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम का विस्तार है, जो सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला के छह प्रमुख स्तंभों को कवर करते हुए भारत की डिजाइन और विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगी।
सरकार की नीति निरंतरता
आईईएसए के अध्यक्ष अशोक चंदक ने कहा कि सेमीकॉन 2.0 की अधिसूचना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के तुरंत बाद योजना की अधिसूचना से यह स्पष्ट होता है कि सरकार नीति निरंतरता और प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति गंभीर है।
निवेश की स्थिरता
चंदक ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग में निवेश आमतौर पर 10 से 15 वर्षों के लिए होता है, इसलिए नीतिगत स्थिरता निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू है। इससे घरेलू और वैश्विक निवेशकों का भारत पर भरोसा बढ़ेगा।
पहले चरण की सफलता
उद्योग संगठन ने बताया कि सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के पहले चरण ने पहले ही उद्योग में विश्वास पैदा किया है। अब तक 12 परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, और 100 से अधिक डिजाइन स्टार्टअप को सहयोग दिया गया है।
सेमीकॉन 2.0 की विशेषताएँ
आईईएसए ने कहा कि सेमीकॉन 2.0 की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यापकता है। यह योजना चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, असेंबली, परीक्षण, पैकेजिंग, उपकरण निर्माण, अनुसंधान एवं विकास और कुशल मानव संसाधन विकास को कवर करती है।
सरकारी निर्णय का स्वागत
उद्योग ने सरकार के उस निर्णय का भी स्वागत किया है, जिसके तहत प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति रणनीतिक महत्व वाले सेमीकंडक्टर उत्पादों की पहचान करेगी।
निवेश का अनुमान
चंदक ने कहा कि मौजूदा निवेश पाइपलाइन और योजना के विस्तारित दायरे को देखते हुए, आईईएसए का अनुमान है कि सेमीकॉन 2.0 के तहत 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित हो सकता है।
सरकार की वित्तीय सहायता
उन्होंने कहा कि सरकार की वित्तीय सहायता को केवल सब्सिडी के रूप में नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर निजी निवेश को आकर्षित करने वाले उत्प्रेरक के रूप में देखा जाना चाहिए।
समग्र प्रभाव
आईईएसए ने यह भी कहा कि सेमीकॉन 2.0 को अन्य योजनाओं जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम और मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के साथ मिलाकर देखा जाना चाहिए। इन पहलों का संयुक्त प्रभाव भारत में घरेलू मूल्य संवर्धन और आत्मनिर्भर विनिर्माण को बढ़ावा देगा।
सरकारी टीम को बधाई
उद्योग संगठन ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री और पूरी मंत्रालयी टीम को इस पहल के सफल क्रियान्वयन के लिए बधाई दी।
सेमीकॉन 2.0 की औपचारिक अधिसूचना
गौरतलब है कि सरकार ने हाल ही में सेमीकॉन 2.0 योजना को औपचारिक रूप से अधिसूचित किया है, जिसके तहत सेमीकंडक्टर डिजाइन, चिप निर्माण, पैकेजिंग, परीक्षण, उपकरण निर्माण, अनुसंधान और प्रतिभा विकास को व्यापक वित्तीय और नीतिगत समर्थन प्रदान किया जाएगा।