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भारत के 8 युवा बने QECT 100 यंग लीडर्स अवॉर्ड्स के लिए चयनित

भारत के आठ युवा 2026 के QECT 100 यंग लीडर्स अवॉर्ड्स में शामिल हुए हैं। इन युवाओं को शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण, और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए मान्यता दी गई है। पुरस्कारों की घोषणा 9 सितंबर को नई दिल्ली में हुई। जानें कौन हैं ये युवा और उनके प्रेरणादायक कार्यों के बारे में।
 

भारत के युवा लीडर्स की पहचान

भारत के आठ युवा 2026 के QECT 100 यंग लीडर्स अवॉर्ड्स में शामिल हुए हैं। इन युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए मान्यता दी गई है, जिसमें शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण, स्वास्थ्य, कृषि और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए कार्य करने वाले युवा शामिल हैं। इस वर्ष कॉमनवेल्थ देशों से चुने गए 100 युवाओं में भारत के सबसे अधिक 8 युवा शामिल हैं।


पुरस्कार की घोषणा

ब्रिटिश हाई कमीशन के अनुसार, इन पुरस्कारों की घोषणा 9 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में की गई। क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय कॉमनवेल्थ ट्रस्ट (QECT) हर साल उन युवाओं का चयन करता है जो अपने कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं। यह पुरस्कार 18 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं को दिया जाता है।


भारत के 8 युवा लीडर्स

भारत के ये 8 युवा कौन हैं?


आश्रया सेठ: आश्रया सेठ Impact91 और Happy Periods की संस्थापक हैं। वह पीरियड्स से संबंधित जानकारी और सुविधाओं को सुलभ बनाने के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कम लागत में सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने वाली मशीन विकसित की है, जिससे लगभग 10 लाख महिलाओं और लड़कियों को सहायता मिली है। वह लड़कियों की शिक्षा और तकनीकी जानकारी के लिए भी प्रयासरत हैं।


अभिषेक गुप्ता: अभिषेक गुप्ता NavGurukul के पार्टनर और कार्यकारी CEO हैं। उनका उद्देश्य उन महिलाओं को सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की ट्रेनिंग देना है जिन्हें रोजगार के सीमित अवसर मिलते हैं। उनके कार्यक्रम से 300 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण मिला है, जिनमें से लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं अपने संस्थान में लीडर बनी हैं।


गिरीश मेहता: गिरीश मेहता Care Leavers’ Inner Circle (CLiC) के संस्थापक हैं। यह संगठन उन युवाओं की सहायता करता है जो बच्चों के देखभाल केंद्रों से बाहर निकलने के बाद नई जिंदगी की शुरुआत करते हैं। अब तक 3,000 से अधिक युवाओं को इस पहल से मदद मिली है।


ईशा जौहर: ईशा जौहर Project Jazba की सह-संस्थापक हैं। वह जम्मू-कश्मीर में महिलाओं और युवाओं को शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता में सहायता करती हैं। उनके प्रोजेक्ट के माध्यम से 200 से अधिक महिलाओं और युवाओं को अपने व्यवसाय शुरू करने में मदद मिली है।


पल्लवी केजरीवाल: पल्लवी केजरीवाल The Right Pitch की संस्थापक हैं। वह उन बच्चों के लिए काम करती हैं जिन्हें शिक्षा और अन्य सुविधाओं के अवसर कम मिलते हैं। उनके प्रोजेक्ट में पढ़ाई के साथ-साथ खेल और कला जैसी गतिविधियाँ भी शामिल हैं।


समित साकिब गोरे: समित साकिब गोरे Vision Friend Eyewear और VCU Series के सह-संस्थापक हैं। वह कम लागत में आंखों की जांच और उपचार की सुविधाएं प्रदान करते हैं। उनके प्रोजेक्ट के माध्यम से 27 लाख से अधिक लोगों की आंखों की मुफ्त जांच की गई है।


शक्ति बालासुब्रमण्यम यादव: शक्ति बालासुब्रमण्यम यादव Buy Food with Plastic India की संस्थापक हैं। उनका प्रोजेक्ट लोगों को प्लास्टिक कचरा जमा करने के बदले भोजन उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।


काव्या जैन: काव्या जैन Sensei की संस्थापक हैं। यह एक यूके की सामाजिक उद्यमिता है जो नेत्रहीन और न्यूरोडाइवर्जेंट लोगों के लिए समझने में आसान रास्ते और संकेत बनाने पर काम करती है।


अवॉर्ड कार्यक्रम में भागीदारी

अक्टूबर में लंदन जा सकते हैं कुछ युवा


इन पुरस्कारों के माध्यम से चयनित युवाओं को अपने कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और अन्य सहायता प्रदान की जाएगी। उन्हें अन्य देशों के युवाओं से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। इसके अलावा, वे अपने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए माइक्रोग्रांट के लिए आवेदन कर सकते हैं।


QECT 100 यंग लीडर्स अवॉर्ड्स में चयनित कुछ भारतीय युवा अक्टूबर में लंदन में होने वाले पुरस्कार समारोह में भाग ले सकते हैं। इस दौरान उन्हें अपने कार्यों को आगे बढ़ाने और अन्य देशों के युवाओं से मिलने का अवसर मिलेगा।


2026 में यह कार्यक्रम क्वीन एलिजाबेथ II की 100वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष भारत से 8 युवाओं का चयन किया गया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं और समाज की भलाई के लिए प्रयासरत हैं।