भारत के क्रिकेट वर्ल्ड कप जीत में केरल का अनोखा कनेक्शन
भारत की वर्ल्ड कप जीत और केरल का योगदान
क्रिकेट एक ऐसा खेल है जो आंकड़ों पर आधारित है, लेकिन इसमें कई बार ऐसे संयोग देखने को मिलते हैं जो सभी को चौंका देते हैं। भारत ने अब तक पांच बार क्रिकेट वर्ल्ड कप का खिताब जीता है, और इन सभी जीतों में केरल का एक विशेष संबंध रहा है। जब भी भारत ने पुरुषों का वर्ल्ड कप जीता है, टीम में हमेशा एक मलयाली खिलाड़ी शामिल रहा है।
यह सिलसिला 1983 में कपिल देव की कप्तानी में भारत की ऐतिहासिक जीत के साथ शुरू हुआ, जिसमें केरल के तेज गेंदबाज सुनील वाल्सन भी टीम का हिस्सा थे। हालांकि, वाल्सन को उस टूर्नामेंट में खेलने का मौका नहीं मिला, फिर भी वह विश्व कप विजेता बने।
इसके बाद, भारत ने 2007 में टी20 वर्ल्ड कप जीतकर लगभग 25 वर्षों के सूखे को समाप्त किया। इस टीम में श्रीसंत जैसे मलयाली खिलाड़ी थे, जिन्होंने न केवल विजेताओं की सूची में अपना नाम दर्ज किया, बल्कि खिताब जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई। फैंस आज भी फाइनल की अंतिम गेंद पर उनके शानदार कैच को नहीं भूल सकते।
केरल के इस खिलाड़ी ने 2011 के वनडे वर्ल्ड कप विजेता टीम का भी हिस्सा बनकर 'मलयाली लकी चार्म' का खिताब हासिल किया।
2024 में भारत ने दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीता, जिसमें केरल के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन भी शामिल थे। हालांकि, उस संस्करण में सैमसन को खेलने का मौका नहीं मिला।
संजू सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी शुरुआती पारियों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन अंतिम तीन मैचों में वह भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ निर्णायक मैच में नाबाद 97 रन बनाकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन की पारी खेलकर भारत को फाइनल में पहुँचाया। खिताबी मुकाबले में भी उन्होंने समान 89 रन बनाकर भारत को ट्रॉफी दिलाने में अहम भूमिका निभाई।