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भारत के चार राज्यों में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण शुरू

भारत के चार राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का एन्यूमरेशन चरण आरंभ हो गया है। चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के विवरण की जांच और सत्यापन का कार्य शुरू किया है। 28 जून तक फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि है, और योग्य नागरिकों को समय सीमा के बाद भी पंजीकरण का अवसर मिलेगा। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और अधिक जानकारी।
 

मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण

भारत के चार राज्यों, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का एन्यूमरेशन चरण आरंभ हो गया है। चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया की जानकारी रविवार को साझा की। इसका मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट को अपडेट करना और यह सुनिश्चित करना है कि उसमें कोई त्रुटि न हो। इसके माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी योग्य नागरिक सूची में शामिल हों।


चरणबद्ध तरीके से चल रहा अभियान

चुनाव आयोग ने पहले ही 14 मई को इस अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत की थी, जो 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में क्रमबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। अब चार राज्यों में घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण की जांच और सत्यापन का कार्य प्रारंभ हो चुका है।


बूथ लेवल अधिकारियों की भूमिका

इस चरण में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। वे एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित कर रहे हैं और उन्हें भरवाकर वापस ले रहे हैं। चुनाव आयोग ने यह भी सुविधा प्रदान की है कि मतदाता चाहें तो ऑनलाइन माध्यम से भी फॉर्म जमा कर सकते हैं।


28 जून है अंतिम तिथि

चुनाव आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं के भरे हुए फॉर्म 28 जून तक चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ERO) के पास पहुंचेंगे, उनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किए जाएंगे। जो लोग समय सीमा के भीतर फॉर्म जमा नहीं कर पाएंगे, वे बाद में Form 6 के जरिए नए मतदाता के रूप में आवेदन कर सकते हैं।


3.67 करोड़ वोटर्स पर नजर

निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस विशेष अभियान के तहत चारों राज्यों में कुल 3.67 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें ओडिशा का मतदाता आधार सबसे बड़ा है, जहां कुल वोटर्स की संख्या 3.34 करोड़ से अधिक है। आयोग ने इस कार्य को सटीकता से पूरा करने के लिए 38,123 BLO और 8,391 बूथ लेवल एजेंटों (BLA) को तैनात किया है। पूर्वोत्तर राज्यों में, मिजोरम के 8.75 लाख, सिक्किम के 4.71 लाख और मणिपुर के 20.92 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों का पुनरीक्षण किया जा रहा है।


डेडलाइन छूटने पर भी मिलेगा मौका

यदि कोई योग्य नागरिक किसी कारणवश 28 जून की निर्धारित समय-सीमा तक अपना फॉर्म जमा नहीं कर पाता है, तो भी उसे मताधिकार से वंचित नहीं होना पड़ेगा। ऐसे लोग बाद में 'दावे और आपत्ति' के दौर के दौरान फॉर्म-6 और आवश्यक घोषणा पत्र भरकर नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे।


युवाओं से अपील

चुनाव आयोग ने देश के सभी युवाओं और योग्य नागरिकों से अपील की है कि वे इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भाग लें और घर-घर आ रहे चुनाव अधिकारियों का पूरा सहयोग करें, ताकि एक पारदर्शी और समावेशी मतदाता सूची तैयार की जा सके।