भारत के राफेल विमानों पर पाकिस्तान के दावों को मिला नया जवाब
ऑपरेशन सिंदूर के दावों पर नया दस्तावेज
पाकिस्तान द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय राफेल लड़ाकू विमानों के नष्ट होने के दावों को एक नए आधिकारिक दस्तावेज ने कमजोर कर दिया है। भारतीय वायुसेना मुख्यालय ने सभी 36 राफेल विमानों के लिए तकनीकी और रखरखाव सहायता की मांग की है। इस दस्तावेज के प्रकाशन के बाद पाकिस्तान के दावों पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।
वायुसेना का प्रस्ताव और विमानों की स्थिति
जून 2026 में जारी वायुसेना के प्रस्ताव में 36 राफेल विमानों के लिए पांच महीने की सहायता व्यवस्था का उल्लेख है। इसमें रखरखाव, लॉजिस्टिक सहयोग और तकनीकी सहायता शामिल है, जिससे सितंबर 2026 के बाद भी विमानों का संचालन निर्बाध रूप से जारी रह सके। इस अवधि में लगभग 2,250 उड़ान घंटे निर्धारित किए गए हैं, जो यह दर्शाता है कि सभी विमान वर्तमान में सेवा में हैं। यह तथ्य पाकिस्तान के दावों के विपरीत है।
पाकिस्तान के दावों की विश्वसनीयता पर सवाल
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने बार-बार यह दावा किया कि उसकी सेना ने कई राफेल विमानों को मार गिराया है। इन दावों को सरकारी बयानों और सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से फैलाया गया। भारत ने इन आरोपों को गलत और भ्रामक बताया है। नए दस्तावेज के प्रकाशन से भारत के रुख को और मजबूती मिली है कि राफेल बेड़े को कोई नुकसान नहीं हुआ।
पाकिस्तान के दावों पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के दावों पर सवाल उठे हैं। पहले भी कुछ राफेल विमानों के बारे में सोशल मीडिया पर नष्ट होने के दावे किए गए थे, लेकिन वे बाद में नियमित उड़ान गतिविधियों में शामिल दिखाई दिए। रक्षा अधिकारियों का कहना है कि राफेल विमानों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी भूमिका सफलतापूर्वक निभाई और किसी भी युद्धक नुकसान की बात को खारिज किया है।
भारत का राफेल बेड़े का विस्तार
भारत की राफेल विमानों के लिए भविष्य की योजनाएं भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। सरकार मल्टी-रोल लड़ाकू विमान कार्यक्रम के तहत 114 अतिरिक्त राफेल विमानों की खरीद पर विचार कर रही है। हाल ही में भारत और फ्रांस के शीर्ष नेतृत्व के बीच इस विषय पर चर्चा हुई है। प्रस्तावित योजना के अनुसार कुछ विमान सीधे फ्रांस से आएंगे, जबकि अधिकांश विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। यह कदम भारतीय रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।