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भारत के लिए राहत: कांडला पोर्ट पर पहुंचा 42,000 मीट्रिक टन LPG

मार्च 2026 में, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच, 'जग वसंत' नामक LPG टैंकर ने कांडला पोर्ट पर 42,000 मीट्रिक टन गैस पहुंचाई। इस टैंकर के आगमन से भारत को राहत मिली है, जबकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कई भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। जानें इस स्थिति का क्या असर होगा।
 

कांडला पोर्ट पर 'जग वसंत' का आगमन

मार्च 2026 में, अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान के साथ चल रहे संघर्ष ने मध्य पूर्व में स्थिति को बेहद संवेदनशील बना दिया है। ईरानी हमलों ने अमेरिकी ठिकानों को नुकसान पहुँचाया है, और अमेरिकी राष्ट्रपति ने कड़े सैन्य कदम उठाने की चेतावनी दी है। इस बीच, भारत के लिए एक सकारात्मक खबर आई है, क्योंकि 'जग वसंत' नामक एक टैंकर कांडला पोर्ट पर 42,000 मीट्रिक टन LPG गैस लेकर पहुंचा है। इसके आगमन के बाद, पोर्ट क्षेत्र में सुरक्षा और संचालन को और अधिक सक्रिय किया गया है। इस बड़े जहाज से 'रोज़' नाम के छोटे टग में LPG का ट्रांसफर किया जाएगा।


कांडला पोर्ट प्राधिकरण ने जानकारी दी है कि आज ही इस गैस को मिड-सी ट्रांसफर के माध्यम से उतारा जाएगा। मिड-सी ट्रांसफर का अर्थ है कि समुद्र में ही जहाज से गैस को अन्य सिस्टम या पोर्ट की सुविधाओं तक पहुंचाया जाता है, जिससे गैस तेजी से उतारी जा सकती है और समय की बचत होती है। इससे पहले, MT शिवालिक और MT नंदा देवी जैसे अन्य LPG टैंकर भी भारत पहुंच चुके हैं।


पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगभग 20 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें पांच बड़े LPG टैंकर शामिल हैं, जिनमें कुल 2,30,000 मीट्रिक टन LPG भरी हुई है। एक अन्य बड़े टैंकर में अगले एक-दो दिनों में LPG भरी जानी है, जिसके बाद वह भारत के लिए रवाना होगा।