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भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मोदी का संकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2022 पर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया। वर्तमान में भारत 'लोअर मिडिल इनकम' श्रेणी में है, जबकि विकसित देशों की श्रेणी में आने के लिए प्रति व्यक्ति आय को $14,375 से अधिक करना होगा। जानें भारत की मौजूदा आर्थिक स्थिति और भविष्य की चुनौतियों के बारे में।
 

प्रधानमंत्री मोदी का 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2022 पर देश को 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने का संकल्प लिया था। आजादी के 100 साल पूरे होने में अब 21 वर्ष बचे हैं। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, विश्व में केवल 37 देश विकसित श्रेणी में आते हैं, जिनमें एशिया से केवल जापान और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। भारत के लिए इस विशेष समूह में शामिल होना एक ऐतिहासिक आर्थिक परिवर्तन की आवश्यकता है।


भारत की आर्थिक स्थिति और विकास के मानक

क्या है पैमाना और भारत की मौजूदा स्थिति?

विश्व बैंक देशों की आर्थिक स्थिति को प्रति व्यक्ति आय के आधार पर चार श्रेणियों में वर्गीकृत करता है। वर्तमान में, भारत 'लोअर मिडिल इनकम' श्रेणी में है, जहां प्रति व्यक्ति सालाना आय $2,760 (लगभग ₹2.63 लाख) है। इसका मतलब है कि एक औसत भारतीय महीने में केवल 21 से 22 हजार रुपये कमा पाता है। भारत की अर्थव्यवस्था का आकार बड़ा होने के बावजूद, विशाल जनसंख्या के कारण प्रति व्यक्ति आय का यह स्तर विकसित देशों से काफी पीछे है.


विकसित देशों की श्रेणी में आने के लिए आवश्यक आय

 'विकसित' देश बनने के लिए कितनी कमाई है जरूरी?

विश्व बैंक के मानकों के अनुसार, 'हाई इनकम' यानी विकसित देशों की श्रेणी में आने के लिए प्रति व्यक्ति आय $14,375 (लगभग ₹13.70 लाख) से अधिक होनी चाहिए। भारत को इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी मौजूदा जीडीपी को 4 ट्रिलियन डॉलर से बढ़ाकर 20 ट्रिलियन डॉलर से अधिक करना होगा, यानी अर्थव्यवस्था का आकार सीधे 5 गुना बढ़ाना होगा.

इसके साथ ही, भारत को अगले दो दशकों तक लगातार 8% की वार्षिक आर्थिक विकास दर बनाए रखनी होगी, जो कि एक बड़ी चुनौती है.