भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने के लिए नवाचार पर ध्यान दें: ज्योतिरादित्य सिंधिया
नवाचार की आवश्यकता पर जोर
दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को छात्रों से आग्रह किया कि वे दूसरों की नकल करने के बजाय नवाचार पर ध्यान केंद्रित करें, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में योगदान देकर भारत को वैश्विक स्तर पर नेतृत्व दिला सकें।
सिंधिया ने इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि पिछले वर्ष ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन का यहां आना इस बात का संकेत है कि भारत अब ऐसे दौर में है, जब देश जिम्मेदारी से एआई प्रणालियों का विकास कर रहा है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
उन्होंने कहा, “मैं आपसे निवेदन करता हूं कि नवाचार की ज्वाला जलाएं, एशिया की भावना को आगे बढ़ाएं और एक ऐसा भारत बनाएं जो अनुकरण करने के बजाय नवप्रवर्तक हो।”
सिंधिया ने बताया कि आईआईआईटी-दिल्ली शिक्षण संस्थान दूरसंचार विभाग के सहयोग से भरोसेमंद और जिम्मेदार एआई प्रणालियों पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनके लिए एआई का अर्थ केवल कृत्रिम मेधा नहीं है, बल्कि आकांक्षी भारत भी है। उन्होंने विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों से अपील की कि वे ज्ञान अर्जित कर भारत लौटें और देश की प्रगति में योगदान दें।