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भारत-चीन के बीच रोबोटिक सर्जरी में नई उपलब्धि

भारत और चीन के बीच चिकित्सा प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। डॉ. सैयद मोहम्मद गौस ने वुहान से हैदराबाद में एक मरीज की सफल रोबोटिक सर्जरी की। इस सर्जरी को 5G नेटवर्क की मदद से किया गया, जो स्वास्थ्य सेवा में एक नया आयाम जोड़ता है। जानें इस अद्भुत तकनीक के बारे में और कैसे यह सीमाओं को पार कर लोगों की जान बचाने में मदद कर सकती है।
 

भारत और चीन में मेडिकल टेक्नोलॉजी की नई ऊँचाई


नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच चिकित्सा प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। डॉ. सैयद मोहम्मद गौस ने चीन के वुहान से हैदराबाद में एक मरीज की सफल रोबोटिक सर्जरी की, जो लगभग 3,000 किलोमीटर दूर से की गई। इसे स्वास्थ्य सेवा और टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


रिपोर्टों के अनुसार, सर्जरी से पहले वुहान और हैदराबाद के चिकित्सकों ने ऑनलाइन मरीज की मेडिकल रिपोर्ट का विश्लेषण किया और ऑपरेशन की योजना बनाई। इसके बाद, हैदराबाद की मेडिकल टीम ने मरीज को एनेस्थीसिया देकर ऑपरेशन थिएटर में रोबोटिक सिस्टम को स्थापित किया।


सर्जरी के दौरान उच्च गुणवत्ता वाले 3D कैमरे और उन्नत रोबोटिक उपकरणों का उपयोग किया गया। वुहान के टोंगजी हॉस्पिटल में डॉ. गौस ने एक विशेष कंसोल से रोबोटिक आर्म्स को नियंत्रित किया और रियल टाइम 3D विजुअल्स के माध्यम से ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।


रिपोर्ट के अनुसार, 5G नेटवर्क की सहायता से सर्जरी से संबंधित निर्देश केवल 200 मिलीसेकंड में ट्रांसमिट हो रहे थे, जिससे रोबोटिक आर्म्स डॉक्टर के हाथों की हरकत को तुरंत दोहरा रहे थे। किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए हैदराबाद में डॉक्टरों की टीम हमेशा तैयार रही।


यह सर्जरी इंटरनेशनल हेपेटो-पैंक्रियाटो-बिलियरी एसोसिएशन के चीनी चैप्टर की 10वीं कांग्रेस के दौरान प्रदर्शित 26 सर्जरियों में से एक थी। इसमें कई देशों के चिकित्सकों ने लाइव इंटरनेशनल रिमोट सर्जरी में भाग लिया। भारत में चीन के दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने भी इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह तकनीक सीमाओं को पार कर लोगों की जान बचाने में सहायक हो सकती है।