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भारत-चीन संबंधों पर मोदी और जिनपिंग की महत्वपूर्ण बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच नई दिल्ली में BRICS समिट के दौरान एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। इस वार्ता में भारत-चीन संबंधों को मजबूत करने, सीमा पर शांति बनाए रखने और व्यापार जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों देशों ने अपने-अपने बयानों में संबंधों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। मोदी ने तीन 'म्यूचुअल' का फॉर्मूला पेश किया, जिसमें पारस्परिक सम्मान, संवेदनशीलता और हित शामिल हैं।
 

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग की द्विपक्षीय वार्ता


नई दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता हुई। यह बातचीत लगभग 50 मिनट तक चली, जिसमें भारत-चीन संबंधों को मजबूत करने, सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने, और व्यापार जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।


भारत और चीन के बीच प्रेस रिलीज का आदान-प्रदान

बैठक के बाद, भारत और चीन ने अलग-अलग प्रेस रिलीज जारी की। दोनों बयानों में संबंधों को सुधारने और सीमा पर शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की गई, हालांकि दोनों देशों ने विभिन्न पहलुओं पर अधिक ध्यान केंद्रित किया।


चीन का आपसी समझ पर जोर

चीन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारत और चीन एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि सहयोगी और साझेदार हैं। बीजिंग ने दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से मजबूत करने पर जोर दिया। चीन ने यह भी कहा कि पिछले दो वर्षों में संवाद और सहयोग में वृद्धि हुई है, और व्यापार में भी प्रगति हुई है। सीमा विवाद के संदर्भ में, चीन ने आपसी सम्मान और समझ के माध्यम से बाधाओं को दूर करने की बात की।


भारत का सीमा पर शांति का महत्व

भारत के बयान में सीमा पर शांति और स्थिरता को दोनों देशों के संबंधों की प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बताया गया। नई दिल्ली ने यह स्पष्ट किया कि सीमा से संबंधित मौजूदा समझौतों और सहमतियों का पूरी तरह पालन होना चाहिए। भारत ने सीमा विवाद के निष्पक्ष और स्वीकार्य समाधान की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इसके अलावा, लोगों के बीच संपर्क, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, व्यापार और सीधी उड़ानों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।


मोदी का तीन 'म्यूचुअल' का फॉर्मूला

बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-चीन संबंधों के लिए पारस्परिक सम्मान, संवेदनशीलता और हित को महत्वपूर्ण बताया। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच मतभेदों को विवाद का रूप नहीं लेना चाहिए। दोनों बयानों को एक साथ देखने पर, संबंधों में सुधार की इच्छा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।