भारत-चीन सीमा पर सैन्य वार्ता: अरुणाचल प्रदेश में हुई महत्वपूर्ण बैठकें
भारत और चीन के सैन्य कमांडरों की वार्ता
इस सप्ताह, भारत और चीन के उच्चस्तरीय सैन्य अधिकारियों ने अरुणाचल प्रदेश क्षेत्र में सीमा के दोनों ओर दो चरणों में बातचीत की। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इस वार्ता की जानकारी दी, जो हाल ही में विशेष प्रतिनिधियों की बैठकों का एक हिस्सा है।
बैठकों का विवरण
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पहली फ्लैग मीटिंग रविवार को भारतीय क्षेत्र में आयोजित की गई, जबकि दूसरी बैठक सोमवार को चीन के क्षेत्र में हुई। हालांकि, उन्होंने इस बातचीत में हुई चर्चाओं के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।
बातचीत का उद्देश्य
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह सैन्य वार्ता पूर्वी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित थी, जिसमें सीमा पर शांति बनाए रखने का प्रयास भी शामिल था। भारतीय पक्ष का नेतृत्व दीमापुर स्थित 3 कोर के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया ने किया।
विशेष प्रतिनिधियों की बैठक
19 अगस्त को नई दिल्ली में हुई विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं बैठक में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच 10 बिंदुओं पर सहमति बनी थी, जिसमें LAC के पूर्वी और मध्य सेक्टर में सैन्य कमांडरों के बीच बातचीत के लिए तंत्र स्थापित करने की बात शामिल थी।
विदेश मंत्रालय की जानकारी
रणधीर जायसवाल ने बताया कि अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई थी। इसके अलावा, 'वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कॉर्डिनेशन ऑन इंडिया-चाइना बॉर्डर अफेयर्स' (WMCC) की बैठकें भी बीजिंग और नई दिल्ली में आयोजित की गईं।
पश्चिमी सेक्टर में तनाव
पश्चिमी सेक्टर में भारत और चीन के बीच सैन्य टकराव अप्रैल-मई 2020 में शुरू हुआ था, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच संवाद में कमी आई। यह स्थिति दोनों देशों के रिश्तों को पिछले छह दशकों के सबसे निचले स्तर पर ले गई। अक्टूबर 2024 में गतिरोध समाप्त करने पर सहमति बनने के बाद से दोनों पक्षों ने संबंधों को सामान्य करने के प्रयास किए हैं।
बातचीत की आवश्यकता
भारत और चीन के सैन्य कमांडरों के बीच सीमा पर बातचीत सामान्य नहीं है। अरुणाचल प्रदेश क्षेत्र में यह वार्ता दो दिनों तक चली, जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा की गई। क्षेत्रीय घुसपैठ की आशंका भी जताई गई, हालांकि इस पर आधिकारिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की गई।
नए विवाद का संदर्भ
जुलाई और अगस्त में अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले में भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के बीच तनाव के बाद यह पहली बातचीत हुई है। भारत ने कहा है कि सीमा पर गलतफहमी और गलत आकलन से बचने के लिए कूटनीतिक और सैन्य तंत्र का उपयोग आवश्यक है।