भारत ने आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का अधिकार जताया: विदेश मंत्री जयशंकर
जयशंकर का स्पष्ट संदेश
नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बयान में कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने आत्मरक्षा के अधिकार का उपयोग करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई अन्य देश यह तय नहीं कर सकता कि भारत अपने बचाव में क्या कदम उठाएगा। यह बयान आईआईटी मद्रास में आयोजित 'शस्त्र 2026 - आईआईटी मद्रास टेक्नो-एंटरटेनमेंट फेस्ट' के उद्घाटन समारोह में दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे।
पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष निशाना
जब डॉ. जयशंकर से भारत की विदेश नीति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों की नकारात्मक गतिविधियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, "अगर हम पश्चिम की ओर देखें, तो यह स्पष्ट है कि हमारे साथ भी ऐसा ही हो रहा है। यदि कोई देश जानबूझकर आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो भारत के पास आत्मरक्षा का अधिकार है, और हम इसका उपयोग करेंगे। यह हमारे ऊपर है कि हम इसे कैसे लागू करते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए।
विदेश मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि कई साल पहले जल बंटवारे के समझौते पर सहमति बनी थी, लेकिन यदि कोई देश आतंकवाद फैलाता है, तो यह अच्छे पड़ोसी होने का संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि आप अच्छे पड़ोसी नहीं हैं, तो आपको अच्छे पड़ोसी के लाभ भी नहीं मिलेंगे। आप यह नहीं कह सकते कि कृपया हमारे साथ पानी साझा करें, जबकि आप आतंकवाद को बढ़ावा देते रहें। यह असंभव है।