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भारत ने इबोला के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ाया

भारत सरकार ने युगांडा और कांगो में इबोला के मामलों में वृद्धि के चलते स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ाने के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वे अस्पतालों में तैयारी करें और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी बढ़ाएं। प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों की 21 दिनों तक स्वास्थ्य निगरानी की जाएगी। इस लेख में इबोला के लक्षणों और सरकार के निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।
 

भारत सरकार का अलर्ट

युगांडा और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला के मामलों में वृद्धि के चलते भारत सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे अस्पतालों में आवश्यक तैयारियों को सुनिश्चित करें, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच को बढ़ाएं और उनकी निगरानी करें। प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों की 21 दिनों तक स्वास्थ्य निगरानी की जाएगी और यदि कोई लक्षण दिखाई देता है, तो उन्हें अलग वार्ड में रखा जाएगा।


WHO की चेतावनी

हाल ही में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कांगो और युगांडा में इबोला के प्रकोप को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने यह एडवाइजरी जारी की है।


अस्पतालों की तैयारी को बढ़ावा

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्या सलीला श्रीवास्तव ने 21 मई को राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को पत्र लिखकर कहा कि कांगो और युगांडा के पड़ोसी देशों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है, जिसमें दक्षिण सूडान भी शामिल है। केंद्र ने राज्यों को अलग वार्ड बनाने, एम्बुलेंस, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों, पीपीई किट, आवश्यक लॉजिस्टिक्स, प्रयोगशाला सहायता और गंभीर रोगियों के उपचार के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।


निगरानी में वृद्धि

पत्र में मंत्रालय ने कहा है कि वर्तमान आकलन के अनुसार, प्रभावित अफ्रीकी क्षेत्र के बाहर के देशों में जोखिम कम है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और यात्रा को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था के सभी स्तरों पर पर्याप्त तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता बनाए रखना आवश्यक है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के तहत निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है, ताकि हाल ही में प्रभावित अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की पहचान की जा सके।


थर्मल स्क्रीनिंग का प्रावधान

एसओपी के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति कांगो, युगांडा या सूडान से आया है, तो उसकी थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। 21 दिनों तक उसकी स्वास्थ्य निगरानी की जाएगी। यदि इबोला के लक्षण पाए जाते हैं, तो उस यात्री को अलग सेंटर में रखा जाएगा। संपर्क में आए लोगों की पहचान भी की जाएगी ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके। एडवाइजरी में एयरपोर्ट, बंदरगाह स्वास्थ्य प्राधिकरणों, राज्य एवं जिला निगरानी इकाइयों और अन्य एजेंसियों के बीच समन्वय और त्वरित जानकारी साझा करने पर भी जोर दिया गया है।


इबोला के लक्षण

इबोला के लक्षणों में शामिल हैं:



  • बुखार

  • कमजोरी

  • मांसपेशियों में दर्द

  • सिरदर्द

  • गले में खराश

  • उल्टी, दस्त

  • पेट दर्द

  • त्वचा पर चकत्ते

  • आंखों का लाल होना