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भारत ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में शॉट पुट में किया ऐतिहासिक क्लीन स्वीप

भारत ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की शॉट पुट F46 स्पर्धा में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। सचिन खिलारी ने 15.87 मीटर का थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता, जबकि मोहम्मद यासिर और प्रवीण ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए। इस उपलब्धि के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम पर तिरंगा लहराया। जानें इस स्पर्धा के बारे में और अधिक जानकारी।
 

भारत का शानदार प्रदर्शन

नई दिल्ली। भारतीय एथलीटों ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में अद्वितीय प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। भारत ने पुरुषों की शॉट पुट F46 स्पर्धा में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। इस शानदार उपलब्धि के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम पर तिरंगा लहराया।


सचिन खिलारी का गोल्ड मेडल

भारत के प्रमुख पैरा-एथलीट सचिन सरजेराव खिलारी ने 15.87 मीटर का थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन छठे और अंतिम प्रयास में किया। इस थ्रो के साथ सचिन ने 15.67 मीटर का पिछला गेम्स रिकॉर्ड तोड़ दिया। पेरिस पैरालंपिक 2024 में भी सचिन ने रजत पदक जीता था। एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा का स्वर्ण जीतकर अपनी शानदार फॉर्म को बनाए रखा है।


अन्य पदक विजेता

भारत के मोहम्मद यासिर ने 15.06 मीटर का थ्रो करके रजत पदक जीता, जो उनके सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। वहीं, प्रवीण ने 14.94 मीटर का थ्रो करके कांस्य पदक अपने नाम किया। इस प्रकार, पुरुषों की शॉट पुट F46 स्पर्धा में तीनों पदक भारतीय खिलाड़ियों के पास रहे, जिसे खेल की भाषा में पोडियम क्लीन स्वीप कहा जाता है।


F46 कैटेगरी की जानकारी

F46 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है जिसमें एक हाथ में कोहनी के ऊपर या नीचे अंग-विच्छेदन या इसी तरह की ऊपरी अंग की दिव्यांगता वाले खिलाड़ी भाग लेते हैं। इस स्पर्धा में खिलाड़ी खड़े होकर शॉट पुट करते हैं और अपनी ताकत, संतुलन और तकनीक का प्रदर्शन करते हैं।