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भारत ने एशियाई खेलों में निशानेबाजी में जीते तीन पदक, सुचिका ने रचा इतिहास

भारत ने नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में निशानेबाजी में तीन पदक जीते हैं, जिसमें सुचिका तारियाल ने मिश्रित मार्शल आर्ट्स में पहला पदक हासिल किया। हालांकि, भारत अभी तक स्वर्ण पदक जीतने में असफल रहा है। जानें इस खेल में भारत के प्रदर्शन के बारे में और कैसे युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
 

भारत का पदक सफर जारी


नागोया में एशियाई खेलों में भारत का स्वर्ण पदक जीतने का इंतजार सोमवार को भी जारी रहा। हालांकि, निशानेबाजी में भारत ने दो रजत और एक कांस्य पदक सहित तीन पदक जीते। सुचिका तारियाल ने मिश्रित मार्शल आर्ट्स (एमएमए) में देश को इस खेल का पहला एशियाई खेल पदक दिलाकर एक नया इतिहास रचा।


अब भारत के कुल पदकों की संख्या छह हो गई है, जिसमें चार रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। सुचिका ने महिलाओं के 60 किग्रा एमएमए वर्ग में फाइनल में पहुंचने का मौका 700 ग्राम के अंतर से गंवा दिया। उनके सेमीफाइनल मुकाबले में सिंगापुर की हुई हून तेओ के खिलाफ बराबरी का परिणाम रहा।


सुचिका ने वजन में अपनी प्रतिद्वंद्वी से 700 ग्राम अधिक होने के कारण कांस्य पदक से संतोष किया। तकनीकी नियमों के अनुसार, ड्रॉ रहने पर कम वजन वाली खिलाड़ी को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। यह एमएमए में भारत का पहला एशियाई खेल पदक है।


निशानेबाजी में युवा प्रतिभागियों हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष पाटिल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रमशः व्यक्तिगत रजत और कांस्य पदक जीते। इससे पहले, दोनों ने किशोर निशानेबाज पार्थ माने के साथ मिलकर टीम रजत पदक भी जीता था।


इन तीन नए पदकों के साथ भारत के निशानेबाजी में कुल पदकों की संख्या पांच हो गई है, जिसमें चार रजत और एक कांस्य शामिल हैं। भारत इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक से चूक गया, जबकि चीन के विश्व नंबर एक शेंग लिहाओ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता।


सुचिका ने महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में एमएमए की पहली भारतीय एशियाई खेल पदक विजेता बनकर इतिहास रचा, लेकिन फाइनल में पहुंचने का मौका गंवाने के कारण उनकी उपलब्धि के साथ निराशा भी जुड़ी रही। बैडमिंटन, हॉकी और टेबल टेनिस में भी भारत का प्रदर्शन अच्छा रहा। कबड्डी टीमों ने जीत के साथ शुरुआत की। बैडमिंटन में पुरुष टीम ने बांग्लादेश को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। लक्ष्य सेन, के. श्रीकांत और आयुष शेट्टी ने अपने-अपने एकल मुकाबले आसानी से जीते।


मुक्केबाजी में भी भारत ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की। 70 किग्रा वर्ग में सुमित कुंदू ने आसान जीत दर्ज की।