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भारत ने कनाडा के लिए नए उच्चायुक्त की नियुक्ति की

भारत ने कनाडा के लिए नए उच्चायुक्त की नियुक्ति की है, जो दोनों देशों के बीच हाल के तनाव के बाद संबंधों में सुधार का संकेत है। यह नियुक्ति तब की गई है जब पिछले साल उच्चायुक्त संजय वर्मा सहित कई राजनयिकों को वापस बुलाया गया था। विवाद की शुरुआत हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद हुई थी, जिसके चलते दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। हाल ही में, भारतीय विदेश मंत्री ने कनाडा की नई विदेश मंत्री से बातचीत की, जिससे संबंधों में सुधार की उम्मीद जगी है।
 

भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संबंधों में सुधार

भारत ने कनाडा के लिए एक नए उच्चायुक्त की नियुक्ति की है। यह कदम तब उठाया गया है जब ओटावा में तैनात उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और अन्य वरिष्ठ राजनयिकों को वापस बुलाने के लगभग नौ महीने बाद यह निर्णय लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने दिनेश के पटनायक को कनाडा में भारत का अगला उच्चायुक्त नियुक्त किया है। पटनायक, जो स्पेन में भारतीय एंबेसेडर हैं, अब ओटावा में अपनी सेवाएं देंगे। यह नियुक्ति दोनों देशों के बीच हाल की असहजता के बाद संबंधों में सुधार की एक नई शुरुआत मानी जा रही है। पिछले साल अक्टूबर में, उच्चायुक्त संजय वर्मा सहित पांच राजनयिकों को भारत वापस बुलाया गया था, जबकि भारत ने कनाडा के छह डिप्लोमैट्स को निष्कासित किया था।


विवाद की शुरुआत 2023 में अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद हुई, जिसके चलते दोनों देशों के बीच एक साल तक राजनयिक तनाव बना रहा। सितंबर 2023 में, पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडाई संसद में यह आरोप लगाया था कि निज्जर की हत्या में भारत सरकार की संभावित संलिप्तता थी, जिसे भारत ने पूरी तरह से खारिज कर दिया। इस आरोप के बाद, भारत और कनाडा के संबंधों में काफी तनाव आ गया था, और दोनों देशों ने अपने मिशनों में राजनयिक और अन्य स्टाफ की संख्या में कटौती की थी।


कार्नी के आने के बाद सुधरे रिश्ते


दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की प्रक्रिया इस साल 25 मई से शुरू हुई, जब भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कनाडा की नई विदेश मंत्री अनीता आनंद से फोन पर बातचीत की। उस बातचीत में आनंद ने कहा था कि मार्क कार्नी की सरकार भारत के साथ साझेदारी को मजबूत करने के लिए इच्छुक है।