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भारत ने खामेनेई की मृत्यु पर ईरान को श्रद्धांजलि दी, राजनीतिक हलचल तेज

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु के बाद, भारत ने गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरानी दूतावास जाकर शोक व्यक्त किया। इस घटना के बाद, भारत की घरेलू राजनीति में उथल-पुथल मच गई है, जहां विपक्ष ने सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने भी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। जानें इस संवेदनशील स्थिति में भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं।
 

ईरान के नेता की मृत्यु के बाद वैश्विक सियासी हलचल

नई दिल्ली: इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु के बाद, वैश्विक राजनीति में हलचल बढ़ गई है। विपक्ष ने केंद्र सरकार पर इस अंतरराष्ट्रीय संकट पर चुप रहने का आरोप लगाया है। इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम उठाते हुए ईरान के दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की है, जिससे दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को बनाए रखने का संदेश दिया गया है।


विदेश सचिव का ईरानी दूतावास दौरा

ईरानी दूतावास में शोक व्यक्त किया गया: भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास का दौरा किया। उन्होंने वहां जाकर खामेनेई के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की और शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी 2026 को इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर एक बड़ा हमला किया था, जिसमें खामेनेई की जान चली गई। इस घटना के बाद ईरान में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। इस संवेदनशील स्थिति में, भारत ने संतुलित कूटनीतिक रुख अपनाया है।


अमेरिका के दबाव में भारत की स्थिति

घरेलू राजनीति में उथल-पुथल: इस अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच, भारत की घरेलू राजनीति भी गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को खतरनाक संकेत बताया है। उनका आरोप है कि अमेरिका ने पिछले कुछ महीनों से इस युद्ध की तैयारी की थी और जानता था कि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होगी। इसके बावजूद, अमेरिका ने भारत को रूस से सस्ता तेल खरीदने से रोका। सिसोदिया ने सवाल उठाया है कि क्या अमेरिका ने प्रधानमंत्री को गुमराह किया है या मोदी ने अमेरिका को खुश करने के लिए भारत के हितों से समझौता किया है।


कांग्रेस का सरकार पर हमला

खड़गे ने उठाए सवाल: कांग्रेस पार्टी ने भी सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला किया है। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हिंद महासागर में ईरानी जहाज के डूबने की घटना पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि ईरानी नौसेना का जहाज 'ईरिस डेना' बिना किसी सैन्य साजो-सामान के था और यह भारत का आमंत्रित अतिथि था। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने अपने मेहमान जहाज पर हुए हमले पर चुप रहकर राष्ट्रीय सम्मान की उपेक्षा की है।