×

भारत ने डेंगू के पहले टीके 'क्यूडेंगा' को दी मंजूरी

भारत ने डेंगू के पहले टीके 'क्यूडेंगा' को मंजूरी दी है, जो 4 से 60 वर्ष के लोगों के लिए प्रभावी होगा। यह टीका टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स द्वारा विकसित किया गया है और इसकी सुरक्षा एवं प्रभावशीलता का व्यापक मूल्यांकन किया गया है। जानें इस टीके के बारे में और इसके उपयोग के लिए अनुशंसित कार्यक्रम के बारे में।
 

भारत में डेंगू टीके की स्वीकृति


सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया के डेंगू टीके 'क्यूडेंगा' को उसकी गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता के व्यापक वैज्ञानिक मूल्यांकन के बाद उपयोग के लिए मंजूरी दी गई है।


स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि यह टीका देश में डेंगू की रोकथाम के लिए स्वीकृत पहला टीका है।


टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने सोमवार को अपने डेंगू रोधी टीके के लिए औषधि नियामक से विपणन की मंजूरी प्राप्त की।


मंत्रालय के अनुसार, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने जर्मनी में निर्मित और टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया द्वारा आयातित डेंगू टेट्रावैलेंट टीके के विपणन की अनुमति दी है।


यह मंजूरी औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और औषधि नियम, 1945 के तहत दी गई है, जो टीके की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता के व्यापक वैज्ञानिक मूल्यांकन के बाद दी गई है।


यह टीका चार से 60 वर्ष की आयु के व्यक्तियों में डेंगू बीमारी की रोकथाम के लिए स्वीकृत है। इसके लिए अनुशंसित टीकाकरण कार्यक्रम में 0.5 मिलीलीटर की दो खुराक शामिल हैं, जिन्हें तीन महीने के अंतराल पर दिया जाएगा।


मंत्रालय ने कहा कि इस मंजूरी का आधार व्यापक वैश्विक क्लिनिकल विकास कार्यक्रम से प्राप्त साक्ष्य हैं, जिनमें डेंगू-प्रभावित और गैर-प्रभावित क्षेत्रों में इस टीके की सुरक्षा और प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया गया।


क्लिनिकल अध्ययन ब्राजील, थाईलैंड और श्रीलंका सहित आठ से अधिक देशों के प्रतिभागियों पर किए गए थे। इसमें भारत की आबादी पर किया गया एक महत्वपूर्ण तीसरे चरण का अध्ययन भी शामिल था।


इस टीके को पहले ही यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड समेत 42 देशों में नियामक मंजूरी मिल चुकी है। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से भी स्वीकृति प्राप्त है।