☰
×

भारत ने दाऊद इब्राहिम को लेकर संयुक्त राष्ट्र में उठाई आवाज़

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में दाऊद इब्राहिम को लेकर अपनी स्थिति को स्पष्ट किया है, जिसमें उसे 'India-based' बताने पर आपत्ति जताई गई है। भारत ने कहा कि दाऊद पाकिस्तान में रहता है और 1993 से भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए वांछित है। इस मुद्दे पर भारत ने UN की विश्वसनीयता को लेकर चिंता जताई और रिपोर्ट में तथ्यात्मक गलतियों की ओर इशारा किया। भारत ने आतंकवाद को मानवाधिकारों के नाम पर सही ठहराने के खिलाफ भी आवाज उठाई है।
 

भारत का कड़ा रुख

नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के संदर्भ में एक सख्त स्थिति अपनाई है। एक विशेष रिपोर्ट में दाऊद और उसके संगठन D-Company को “India-based” के रूप में दर्शाए जाने पर भारत ने गंभीर आपत्ति जताई है। भारत ने स्पष्ट किया कि दाऊद पाकिस्तान में निवास करता है, न कि भारत में।

भारत के राजनयिक रघू पुरी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में कहा कि दाऊद इब्राहिम 1993 से भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए वांछित है। उन्होंने बताया कि दाऊद को 2003 में अल-कायदा से संबंधों के कारण संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध सूची में डाला गया था। भारत ने यह भी सवाल उठाया कि रिपोर्ट में दाऊद के भारत में वांछित होने की जानकारी का उल्लेख क्यों नहीं किया गया।

इसके अतिरिक्त, भारत ने दाऊद के ठिकाने के बारे में भी स्पष्ट जानकारी दी। रघू पुरी ने कहा कि दाऊद उसी देश में रहता है जहां अल-कायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन को पाया गया और मारा गया था, जिसका इशारा पाकिस्तान की ओर था। ओसामा को 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी कार्रवाई में मारा गया था।

भारत ने UN के रिपोर्टर बेन सॉल की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी तथ्यात्मक गलतियाँ संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं। साथ ही, भारत ने रिपोर्ट तैयार करने वाले विशेष जनादेशधारकों से निष्पक्षता और सटीकता बनाए रखने की अपील की।

भारत ने यह भी कहा कि आतंकवाद को मानवाधिकारों के नाम पर सही नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जोर दिया कि मानवाधिकारों का ढांचा आतंकवादियों या कट्टरपंथियों के लिए सुरक्षा कवच नहीं बनना चाहिए।

यह ध्यान देने योग्य है कि दाऊद इब्राहिम को भारत 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट सहित कई गंभीर मामलों में वांछित मानता है। भारत लंबे समय से पाकिस्तान से उसके खिलाफ कार्रवाई और उसे भारत को सौंपने की मांग कर रहा है।