भारत ने पाकिस्तान के 23 आतंकवादियों को UAPA के तहत घोषित किया
भारत सरकार का कड़ा कदम
नई दिल्ली: भारत सरकार ने पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। केंद्र ने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के 23 आतंकवादियों को गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आधिकारिक रूप से 'आतंकी' घोषित किया है। ये सभी आतंकवादी लश्कर के प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। उन पर भारत में आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने, युवाओं की भर्ती करने, घुसपैठ कराने, आतंकवादी प्रशिक्षण देने और ड्रोन के माध्यम से हथियारों की तस्करी करने के गंभीर आरोप हैं।
नगरोटा आर्मी कैंप हमले के साजिशकर्ताओं पर कार्रवाई
गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए नोटिफिकेशन के अनुसार, यह कदम 2016 में नगरोटा आर्मी कैंप और सुजवान मिलिट्री स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज मोहम्मद सईद के नेटवर्क को नष्ट करने के लिए उठाया गया है। इस सूची में लश्कर और जमात-उद-दवा से जुड़े प्रमुख आतंकवादियों जैसे अब्दुर रऊफ, हाफिज खालिद वलीद और राणा इफ्तिकार का नाम शामिल है। राणा इफ्तिकार जिहादी संगठनों का नेतृत्व करता है और युवाओं को आतंकवाद की ओर आकर्षित करने का काम करता है, जबकि अब्दुर रऊफ आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने और फंड जुटाने में संलग्न है।
ड्रोन से हथियारों की तस्करी करने वाले आतंकियों का पर्दाफाश
सरकार द्वारा घोषित सूची में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलकोट में रहने वाले मसूद इलियास कश्मीरी का नाम भी शामिल है, जो जैश-ए-मोहम्मद के लिए नई भर्तियां करता है। मोहम्मद मुसादिक उर्फ हमजा, जो कश्मीर में घुसपैठ करने वाले जैश के गुटों का मुख्य मददगार है, ड्रोन के माध्यम से हथियारों की तस्करी करता है और युवाओं को ऑनलाइन माध्यमों से आतंकवाद की ओर आकर्षित करता है। नगरोटा आर्मी कैंप हमले में शामिल मुफ्ती मोहम्मद असगर खान और हाफिज अब्दुल शकूर को भी इस सूची में शामिल किया गया है।
सीमा पार आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस नीति
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार से होने वाले आतंकवाद और घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हुए हैं। UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किए गए इन दुश्मनों की सूची में कई अन्य खतरनाक नाम भी शामिल हैं, जो भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं। इस सूची में अहमद भट, गुलाम फरीद, हरून राशिद जिनाई, मोहम्मद शहीद फैसला, और अन्य का नाम शामिल है। सरकार के इस सख्त कदम से पाकिस्तान में छिपे आतंकवादियों में हड़कंप मच गया है।