भारत ने पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक की संयुक्त राष्ट्र में की कड़ी निंदा
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
भारत ने पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में किए गए एक बड़े हवाई हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में काबुल के एक अस्पताल को निशाना बनाया गया, जिसमें लगभग 400 लोगों की जान गई और 250 से अधिक लोग घायल हुए। भारतीय स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने इस घटना के बाद पाकिस्तान की आलोचना की और उसके झूठे प्रचार को उजागर किया।
इस्लामोफोबिया का मुद्दा
पी हरीश ने कहा कि पाकिस्तान अक्सर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस्लामोफोबिया की मनगढ़ंत कहानियाँ गढ़ता है। वह धार्मिक पहचान को राजनीतिक हथियार बनाकर अपने संकीर्ण उद्देश्यों के लिए संयुक्त राष्ट्र का गलत इस्तेमाल करता है। उन्होंने यूएन से अपील की कि वह ऐसे देशों के प्रति सतर्क रहे और इस बढ़ती प्रवृत्ति पर ध्यान दे।
भारत में मुसलमानों की संख्या
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान में जितने मुसलमान हैं, उससे अधिक भारत में रहते हैं। भारत में 20 करोड़ से अधिक मुसलमान हैं, जो दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी में से एक हैं। भारत एक ऐसा देश है जहां सभी प्रमुख धर्मों के लोग शांति से सह-अस्तित्व में रहते हैं।
धार्मिक विविधता का महत्व
पी हरीश ने बताया कि हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध धर्मों की उत्पत्ति भी भारत में हुई है। इस प्रकार, भारत धार्मिक भेदभाव से मुक्त विश्व की आवश्यकता को बेहतर तरीके से समझता है। उन्होंने यूएनजीए में सवाल उठाया कि क्या पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय के खिलाफ दमन और अफगानों की जबरन वापसी जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं होनी चाहिए?
संयुक्त राष्ट्र को आईना दिखाना
पी हरीश ने यूएन को भी आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि यूएन को राजनीति, धर्म और संस्कृति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। उन्होंने 1981 के 'धर्म या आस्था के आधार पर भेदभाव और असहिष्णुता के उन्मूलन' के दस्तावेज को संतुलित बताया, जो सभी धर्मों के अधिकारों की रक्षा करता है।
पाकिस्तानी हमले की गंभीरता
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