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भारत ने पाकिस्तान हाई कमीशन के चारों ओर सुरक्षा घेराबंदी हटाई

भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चारों ओर सुरक्षा घेराबंदी को हटा दिया है, जो कि दोनों देशों के बीच तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्रवाई के बाद, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की जम्मू-कश्मीर पर की गई टिप्पणी ने पाकिस्तान में चिंता बढ़ा दी है। पाकिस्तान ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए अमेरिकी राजदूत को तलब किया। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 

नई दिल्ली में सुरक्षा घेराबंदी का हटना


भारतीय अधिकारियों ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चारों ओर की सुरक्षा घेराबंदी को हटा दिया है। परिसर के चारों ओर लगे यातायात अवरोधक और बैरिकेड भी हटा दिए गए हैं। यह कदम तब उठाया गया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं।


भारत का कदम और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

यह कार्रवाई इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन के बाहर से सुरक्षा बैरिकेड हटाने के तीन दिन बाद की गई है। इसे दोनों देशों के बीच चल रही तनाव की स्थिति में एक प्रकार की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।


अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी पर पाकिस्तान की चिंता

इस बीच, जम्मू-कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की टिप्पणी ने पाकिस्तान में चिंता बढ़ा दी है। श्रीनगर में बुधवार को गोर ने जम्मू-कश्मीर को भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता की प्रशंसा की।


पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को तलब किया

गोर के बयान के कुछ घंटों बाद, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अमेरिकी प्रभारी राजदूत नताली बेकर को तलब किया। पाकिस्तान ने अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी पर कड़ा विरोध जताया और जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने वाले बयान को खारिज कर दिया।


ट्रंप की मध्यस्थता का संदर्भ

पाकिस्तान ने पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष का उल्लेख करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता प्रस्ताव का भी हवाला दिया। इस्लामाबाद ने अमेरिका से कहा कि उसके सार्वजनिक बयान जम्मू-कश्मीर की स्थिति के संबंध में उसके रुख के अनुरूप होने चाहिए।