भारत ने बंगाल की खाड़ी में अग्नि-4 मिसाइल परीक्षण के लिए खतरे का क्षेत्र घोषित किया
भारत सरकार का नया कदम
नई दिल्ली। भारत सरकार ने बंगाल की खाड़ी के एक बड़े हिस्से को 'खतरे का क्षेत्र' (Danger Zone) के रूप में चिन्हित किया है। इसके साथ ही, NOTAM (Notice to Airmen) जारी किया गया है, जो 6 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। सूत्रों के अनुसार, यह कदम अग्नि-4 (Agni-IV) इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल के संभावित परीक्षण के लिए उठाया गया है। इस परीक्षण के लिए नो-फ्लाई ज़ोन का विस्तार किया गया है, और NOTAM के तहत बंगाल की खाड़ी में लगभग 3,550 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को सुरक्षित रखने के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
अग्नि-4 की लंबाई लगभग 20 मीटर और वजन करीब 17 टन है। इसे ठोस इंधन से चलाया जाएगा। यह मिसाइल 3,500 से 4,000 किलोमीटर की दूरी तक प्रहार करने में सक्षम है और 1,000 किलोग्राम तक का परमाणु या पारंपरिक पेलोड ले जा सकती है। इसके अलावा, यह एक अत्यधिक सटीक निशाना लगाने की क्षमता रखती है और मोबाइल लॉन्चर पर चलने वाली मिसाइल है। अग्नि-4 भारत की महत्वपूर्ण मिसाइलों में से एक है, जो Intermediate Range Ballistic Missile (IRBM) की श्रेणी में आती है।
इस परीक्षण का रणनीतिक महत्व भी है। इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ और पहलगाम हमले की बरसी के साथ मेल खाता है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार, अधिसूचना के दौरान संबंधित क्षेत्र में नागरिक विमानों और समुद्री जहाजों की आवाजाही पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी जाएगी, ताकि मिसाइल परीक्षण के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह कदम भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता (Nuclear Deterrence) को और मजबूत करेगा और सैन्य तैयारियों का परीक्षण करेगा।