भारत ने वेनेजुएला भूकंप में सहायता का आश्वासन दिया, राष्ट्रपति ने किया धन्यवाद
भारत की सहायता की प्रतिबद्धता
नई दिल्ली/काराकस: वेनेजुएला में आए भयंकर भूकंप के कारण उत्पन्न मानवीय संकट के बीच, भारत ने राहत और बचाव कार्यों में हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के प्रति समर्थन का आश्वासन दिया, जिसे उन्होंने सराहा।
सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की पोस्ट का उत्तर देते हुए रोड्रिगेज ने कहा, 'हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भावनाओं का स्वागत करते हैं। उन्होंने हमारे देश में आए विनाशकारी भूकंप के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और भारत की ओर से राहत कार्यों में मदद करने की इच्छा जताई।'
इससे पहले, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'वेनेजुएला में आए भयंकर भूकंप से हुई तबाही से मैं बहुत दुखी हूं। भारत के लोगों की ओर से, मैं वेनेजुएला की सरकार और लोगों के प्रति, विशेषकर उन परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।'
उन्होंने आगे कहा, 'हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं और इस कठिन समय में सभी पीड़ितों के साथ खड़े हैं। भारत हर संभव मदद देने के लिए तत्पर है।'
रोड्रिगेज ने तबाही से संबंधित अपडेट साझा करते हुए बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 32 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है।
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है, जो 10,000 से 100,000 तक पहुंच सकती है। न्यूज मीडिया के रिपोर्टरों ने काराकस में भयंकर तबाही का अनुमान लगाया है। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में काराकस की सड़कों पर कई घरों के गिरने के दृश्य देखे जा सकते हैं।
यूएसजीएस ने बुधवार शाम 2204 जीएमटी पर 7.1 तीव्रता के भूकंप की सूचना दी, जिसके ठीक एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का एक और भूकंप आया। दोनों झटके काराकस से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में समुद्र किनारे के शहर मोरोन के पास आए।
भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी, जिससे इसका खतरनाक प्रभाव और बढ़ सकता है। वेनेजुएला के गृह, न्याय और शांति मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने कहा कि तेज भूकंपों से देशभर के शहरों में नुकसान हुआ है।