भारत ने होर्मुज से एलपीजी गैस की बड़ी खेप प्राप्त की
भारत के लिए महत्वपूर्ण गैस खेप
इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर असर पड़ा है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इस कठिन परिस्थिति में भी, भारतीय झंडे वाला एक जहाज, जग वसंत, एलपीजी गैस की एक बड़ी खेप लेकर गुजरात के कांडला पोर्ट पर पहुंचा है।
सूत्रों के अनुसार, इस टैंकर में 42 हजार मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी गैस है। यह भारत के लिए एक राहत की खबर है, क्योंकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में अनिश्चितता बनी हुई है। कांडला पोर्ट अथॉरिटी ने जानकारी दी है कि आज ही इस गैस को मिड-सी ट्रांसफर के माध्यम से उतारा जाएगा।
जंग के बीच भारत को मिली गैस की खेप
कांडला पोर्ट देश के प्रमुख ऊर्जा आयात बंदरगाहों में से एक है, जहां एलपीजी गैस को विभिन्न हिस्सों में वितरित किया जाता है। इस युद्ध के माहौल में, इस खेप के आगमन से घरेलू एलपीजी की उपलब्धता में सुधार की उम्मीद है। होर्मुज के रास्ते जहाज ले जाने की अनुमति केवल कुछ देशों को मिली है, और भारत उन देशों में शामिल है जिन्हें ईरान ने इस रूट का उपयोग करने की इजाजत दी है।
इस मार्ग से पहले भी कई जहाज भारत पहुंचे हैं, जैसे कि 16 मार्च को एलपीजी गैस से भरा एमटी शिवालिक मुंद्रा बंदरगाह पर आया। इसके बाद, 17 मार्च को एमटी नंदा देवी के माध्यम से एक और खेप कांडला पहुंची। 18 मार्च को जग लाडकी ने 81,000 टन कच्चा तेल मुंद्रा लाया। इसके अतिरिक्त, लाइबेरिया फ्लैग शेनलॉन्ग ने 11 मार्च के आसपास मुंबई में सऊदी क्रूड पहुंचाया। भारत में लगातार ऊर्जा सप्लाई हो रही है, जिससे स्थिति नियंत्रण में है।