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भारत पर अमेरिकी टैरिफ का खतरा: रूस से तेल खरीदने पर बढ़ा दबाव

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस और ईरान पर नए प्रतिबंधों से जुड़े विधेयक को मंजूरी दी है, जिससे भारत पर 100% टैरिफ का खतरा बढ़ गया है। यह विधेयक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास जाएगा, जो भारत और चीन जैसे देशों पर टैरिफ लगाने का अधिकार प्रदान करता है। जानें कि यह विधेयक कैसे भारत के व्यापार को प्रभावित कर सकता है और इसके संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं।
 

भारत पर अमेरिकी टैरिफ का बढ़ता दबाव


भारत पर अमेरिका का दबाव रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर बढ़ता जा रहा है। हाल ही में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस और ईरान पर नए प्रतिबंधों से संबंधित एक विधेयक को 262-159 के वोट से मंजूरी दी है। यह विधेयक अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास जाएगा। इस कानून के तहत ट्रंप प्रशासन को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है, जिसमें भारत और चीन शामिल हो सकते हैं।


विधेयक का पारित होना


इस विधेयक पर मतदान बुधवार को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में हुआ, जिसमें 262 सांसदों ने समर्थन दिया और 159 ने विरोध किया। समर्थन करने वालों में 203 रिपब्लिकन, 58 डेमोक्रेट और एक निर्दलीय सांसद शामिल थे। हालांकि, डेमोक्रेट सांसदों ने राष्ट्रपति को व्यापक टैरिफ अधिकार देने पर आपत्ति जताई। इसके बावजूद, विधेयक को पर्याप्त समर्थन मिला।


यह विधेयक पहले ही अमेरिकी संसद के दूसरे सदन सीनेट से पास हो चुका है, जहां इसे 7 अगस्त को 86-11 के वोट से मंजूरी मिली थी। अब प्रतिनिधि सभा से पास होने के बाद इसका अगला चरण राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी है। यदि राष्ट्रपति इस पर हस्ताक्षर करते हैं, तो यह कानून बन जाएगा और अमेरिकी प्रशासन को रूस के साथ ऊर्जा व्यापार करने वाले देशों पर अतिरिक्त दबाव डालने का नया कानूनी रास्ता मिलेगा।


भारत पर 100% टैरिफ की संभावना


इस विधेयक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों से संबंधित है। यह कानून राष्ट्रपति को रूस के पांच सबसे बड़े खरीदार देशों से आने वाले सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने की शक्ति देता है। भारत और चीन इस सूची में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि भारत के हर अमेरिकी निर्यात पर तुरंत 100% शुल्क लगाया जाएगा। पहले कानून बनना होगा और उसके बाद ट्रंप प्रशासन को इस अधिकार का उपयोग करने का निर्णय लेना होगा।


क्या भारत को तत्काल नुकसान होगा?


इस समय यह कहना सही नहीं होगा कि भारत पर 100% अमेरिकी टैरिफ लागू हो चुका है। वर्तमान में यह संभावित टैरिफ की चर्चा है। यदि भविष्य में अमेरिकी प्रशासन भारत पर इस प्रावधान के तहत भारी टैरिफ लगाता है, तो इसका प्रभाव भारत से अमेरिका जाने वाले सामान की कीमतों और दोनों देशों के व्यापार पर पड़ सकता है। वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिकी प्रशासन किस दर से और किन उत्पादों पर शुल्क लगाता है।