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भारत में अनमैप्ड वोटरों की संख्या में वृद्धि: जानें क्या है इसका मतलब

भारत में वोटर लिस्ट की विशेष गहन समीक्षा के दौरान अनमैप्ड वोटरों की संख्या में वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश, मुंबई और तेलंगाना में लाखों वोटर अनमैप्ड पाए गए हैं। यह स्थिति वोटरों की पहचान और सत्यापन प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। जानें अनमैप्ड होने का क्या मतलब है और मतदाता को क्या करना चाहिए।
 

अनमैप्ड वोटर की स्थिति


नई दिल्ली: देश में वोटर लिस्ट की विशेष गहन समीक्षा, जिसे SIR कहा जाता है, के संदर्भ में अनमैप्ड वोटर की चर्चा जोरों पर है। उत्तर प्रदेश में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के अनुसार, लगभग 1.04 करोड़ वोटर अनमैप्ड पाए गए हैं। वहीं, मुंबई में 13.9 लाख वोटर 2004 की पिछली SIR सूची से जुड़ नहीं पाए। तेलंगाना में भी प्रारंभिक जांच में लगभग 2 लाख रिकॉर्ड अनमैप्ड बताए गए हैं।


अनमैप्ड होने का अर्थ

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अनमैप्ड होने का अर्थ यह नहीं है कि वोटर फर्जी या अपात्र हैं। इसका सीधा मतलब है कि मौजूदा वोटर के रिकॉर्ड को पिछले SIR सूची से सत्यापित नहीं किया जा सका। इसके बाद संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाता है।


SIR में मैपिंग की प्रक्रिया

SIR के दौरान मौजूदा मतदाता के विवरण को पिछले SIR की वोटर सूची से मिलाया जाता है। उत्तर प्रदेश में 2003 की पुरानी सूची को आधार बनाया गया है। यदि मौजूदा वोटर का नाम पुरानी सूची में नहीं मिलता, तो उसके माता-पिता या अन्य पारिवारिक सदस्यों के पुराने रिकॉर्ड से भी लिंक करने की कोशिश की जाती है। यदि रिकॉर्ड नहीं मिलता है, तो वोटर अनमैप्ड श्रेणी में आ सकता है।


उत्तर प्रदेश में अनमैप्ड वोटरों की संख्या

उत्तर प्रदेश के लगभग 12.55 करोड़ ड्राफ्ट वोटरों में से लगभग 91 प्रतिशत की मैपिंग की गई है। हालांकि, लगभग 1.04 करोड़ वोटर अनमैप्ड रहे। इसके अलावा, लगभग 2.22 करोड़ वोटरों के रिकॉर्ड में लॉजिकल विसंगतियां पाई गई हैं। इस प्रकार, लगभग 3.26 करोड़ वोटरों को सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।


मुंबई में अनमैप्ड वोटरों की स्थिति

मुंबई में जारी ड्राफ्ट रोल में लगभग 67.8 लाख वोटर थे, जिनमें से 13.9 लाख वोटर 2004 की पिछली SIR सूची से लिंक नहीं हो पाए। इसके अलावा, कुछ वोटरों के रिकॉर्ड में विसंगतियां भी सामने आई हैं। ऐसे मामलों में सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाती है।


तेलंगाना में SIR की स्थिति

तेलंगाना में SIR के लिए 2002 की पिछली वोटर लिस्ट को आधार बनाया जा रहा है। प्रारंभिक सत्यापन में 66.66 लाख फॉर्म की जांच के दौरान 20 लाख से अधिक रिकॉर्ड या तो अनमैप्ड पाए गए या उनमें विसंगतियां मिलीं। इनमें लगभग 2 लाख रिकॉर्ड अनमैप्ड और लगभग 18 लाख रिकॉर्ड में विसंगतियां बताई गई हैं।


अनमैप्ड वोटर की पहचान

अनमैप्ड का मतलब यह नहीं है कि वोटर विदेशी या अवैध हैं। इसका अर्थ केवल यह है कि मौजूदा रिकॉर्ड को पिछले SIR सूची से अपेक्षित तरीके से लिंक नहीं किया जा सका। इसके बाद मतदाता को अपनी पात्रता साबित करने का अवसर दिया जाता है।


नोटिस मिलने पर क्या करें?

यदि मतदाता को नोटिस मिलता है, तो वह संबंधित ERO यानी इलेक्ट्रोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के सामने अपना पक्ष रख सकता है। आवश्यक होने पर निर्धारित दस्तावेज जमा करके अपने रिकॉर्ड और पात्रता की जानकारी दी जा सकती है। मतदाता पिछली SIR सूची में अपना नाम खोजने की सुविधा का भी उपयोग कर सकता है।


आधार से संबंधित बदलाव

सुप्रीम कोर्ट के 8 सितंबर 2025 के आदेश के बाद चुनाव आयोग को आधार को 12वें दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, आधार को नागरिकता का प्रमाण नहीं, बल्कि पहचान के प्रमाण के रूप में माना गया है।


इसलिए, SIR में अनमैप्ड शब्द को सीधे फर्जी वोटर या नाम कटने से जोड़ना सही नहीं है। यह मुख्य रूप से पुराने और मौजूदा मतदाता रिकॉर्ड के बीच लिंक नहीं बन पाने की स्थिति को दर्शाता है। अंतिम निर्णय सत्यापन और निर्धारित प्रक्रिया के बाद ही होता है।