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भारत में इबोला वायरस के खतरे के बीच नई स्वास्थ्य जांच प्रणाली लागू

भारत सरकार ने इबोला वायरस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए नई स्वास्थ्य जांच प्रणाली लागू की है। AIR SUVIDHA 2.0 पोर्टल के माध्यम से, यात्रियों को अपनी सेहत से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन प्रदान करनी होगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होगी, जिससे एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया में तेजी आएगी। जानें इस नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को क्या करना होगा और कैसे यह संक्रमण के फैलाव को रोकने में मदद करेगा।
 

केंद्र सरकार की नई पहल

इबोला वायरस के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने विदेश से आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य जांच और निगरानी को और अधिक सख्त कर दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने AIR SUVIDHA 2.0 पोर्टल की शुरुआत की है। अब, विदेश से भारत आने वाले यात्रियों को अपनी सेहत से संबंधित जानकारी यात्रा से पहले ऑनलाइन प्रदान करनी होगी, ताकि संभावित संक्रमित व्यक्तियों की पहचान समय पर की जा सके और संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके।


स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया में सुधार

सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज और सरल हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग, इमिग्रेशन और निगरानी एजेंसियों के बीच यात्रियों की जानकारी रियल-टाइम में साझा की जा सकेगी, जिससे संक्रामक बीमारियों की रोकथाम में सहायता मिलेगी।


हेल्थ फॉर्म भरने की अनिवार्यता

AIR SUVIDHA 2.0 के तहत, विदेश से भारत आने वाले सभी यात्रियों को अपनी फ्लाइट के भारत पहुंचने से कम से कम 24 घंटे पहले ऑनलाइन हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा। इस फॉर्म में उन्हें अपनी सेहत और हाल की यात्रा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देनी होगी। सरकार का कहना है कि इससे जोखिम वाले यात्रियों की पहचान पहले ही हो सकेगी और आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी कदम समय पर उठाए जा सकेंगे।


डिजिटल और पेपरलेस प्रक्रिया

नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब विदेश से आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट पर कोई कागजी फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी। पूरा प्रोसेस पूरी तरह डिजिटल, पेपरलेस और कॉन्टैक्टलेस होगा। इससे इमिग्रेशन काउंटर पर समय की बचत होगी, लंबी लाइनों में कम इंतजार करना पड़ेगा और यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही, एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया भी पहले से अधिक तेज और बेहतर तरीके से संपन्न होगी।