भारत में ईंधन संकट: LPG भंडार बढ़ाने की तैयारी
नई दिल्ली में ऊर्जा संकट का सामना
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। भारत, जो अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है, इस संकट से सीधे प्रभावित हो रहा है। इस अस्थिरता का सामना करने और भविष्य में किसी भी संभावित कमी से बचने के लिए, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार अब देश में ईंधन के रणनीतिक भंडार को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
सरकार का एलपीजी भंडार बढ़ाने का प्रयास
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकार तेल और गैस के रणनीतिक भंडार को बढ़ाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को देश में कम से कम 30 दिनों का एलपीजी स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। कंपनियां इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तेजी से प्रयास कर रही हैं। इसके साथ ही कच्चे तेल के भंडार को भी बढ़ाने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
एलपीजी की मांग में कमी
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में देश में एलपीजी की मांग में कुछ कमी आई है। पहले जहां मांग 80 हजार मीट्रिक टन थी, वह अब घटकर 72 हजार मीट्रिक टन रह गई है। भारतीय रिफाइनरियां वर्तमान में 52 हजार मीट्रिक टन एलपीजी का उत्पादन कर रही हैं। सुजाता शर्मा के अनुसार, रिफाइनरियों में परिचालन में सुधार और मौसम में बदलाव के कारण मांग और आपूर्ति का यह नया समीकरण सामने आया है।
तेल कंपनियों को वित्तीय नुकसान
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण भारतीय तेल विपणन कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। वैश्विक स्तर पर कीमतों में वृद्धि के कारण, इन कंपनियों को वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 550 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस घाटे की भरपाई और वैश्विक बाजार के दबाव के चलते, घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों में बदलाव करना सरकार के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि
घरेलू बाजार में महंगाई का बोझ आम जनता पर बढ़ गया है। पिछले दस दिनों में चौथी बार ईंधन की कीमतों में वृद्धि की गई है। खुदरा विक्रेताओं ने पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है। लंबे समय तक स्थिर रहने के बाद, अब पेट्रोल और डीजल के दाम लगभग साढ़े सात रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीय जहाज
इस बीच, जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश शर्मा ने एक और चिंताजनक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारत के 13 जहाज अभी भी फंसे हुए हैं। इनमें एक एलपीजी टैंकर, पांच कच्चे तेल के जहाज, एक केमिकल टैंकर, तीन कंटेनर पोत, दो बल्क कैरियर और एक ड्रेजर शामिल हैं। मंत्रालय स्थिति सामान्य होने पर इन जहाजों को सुरक्षित वापस लाने की योजना बना रहा है।