भारत में एनालॉग पनीर और खाद्य सुरक्षा पर बढ़ती चिंताएं
खाद्य गुणवत्ता पर बहस
भारत में एनालॉग पनीर के खिलाफ विभिन्न राज्यों में की गई कार्रवाइयों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर एक महत्वपूर्ण चर्चा को जन्म दिया है। हाल ही में, पंजाब ने एनालॉग या नॉन-डेयरी पनीर के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक साल का प्रतिबंध लगाया है। हरियाणा ने भी इसी तरह का एक साल का प्रतिबंध लागू किया है, जबकि महाराष्ट्र में इसके भंडारण और वितरण पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, जोमैटो ने अपने साझेदारों से एनालॉग पनीर से बने उत्पादों को हटाने का निर्देश दिया है। FSSAI के मानकों के अनुसार, असली पनीर केवल दूध या दूध के ठोस पदार्थों से बनता है, लेकिन बाजार में एनालॉग पनीर को असली पनीर के रूप में बेचा जा रहा है.
पैक्ड फूड में हानिकारक एडिटिव्स
हालांकि एनालॉग पनीर पर कार्रवाई शुरू हो गई है, लेकिन भारत में कई पैक्ड खाद्य पदार्थों, जैसे ब्रेड, बिस्किट, च्यूइंग गम और कन्फेक्शनरी में ऐसे एडिटिव्स का उपयोग होता रहा है, जिन पर अन्य देशों में प्रतिबंध या कड़े नियम लागू हैं। इसका मतलब यह है कि केवल एनालॉग पनीर ही नहीं, बल्कि कई अन्य उत्पाद भी उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रहे हैं। यह समस्या केवल स्थानीय उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई बड़े ब्रांड्स के भारत में बेचे जाने वाले उत्पादों और विदेशों में बेचे जाने वाले उत्पादों के फॉर्मूलेशन में भी अंतर है.
ब्रेड में कैंसर का खतरा?
ब्रेड का उपयोग आजकल भारत के कई घरों में होता है, जिसमें पोटैशियम ब्रोमेट का उपयोग किया जाता है। यह आटे को मजबूत करने और ब्रेड को अधिक फुलाने के लिए एक डो इम्प्रूवर है। कई देशों में इसके उपयोग पर प्रतिबंध है, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की एक जांच में कई ब्रांडों की ब्रेड में पोटैशियम ब्रोमेट की मौजूदगी की पुष्टि की गई थी.
टाइटेनियम डाइऑक्साइड का उपयोग
टाइटेनियम डाइऑक्साइड का उपयोग लंबे समय से खाद्य और कन्फेक्शनरी उत्पादों में सफेद रंग और चमक देने के लिए किया जाता रहा है। यूरोपीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने इसे खाद्य एडिटिव के रूप में सुरक्षित नहीं माना है। भारत में, 2025 में एक अध्ययन में च्यूइंग गम में टाइटेनियम डाइऑक्साइड की मौजूदगी पाई गई, जबकि यूरोपीय संघ में इसके उपयोग पर प्रतिबंध है.
सिंथेटिक रंगों का उपयोग
च्यूइंग गम और कैंडी में रंगों का उपयोग आम है, लेकिन कुछ सिंथेटिक रंगों के उपयोग को लेकर भारत और अमेरिका के नियमों में बड़ा अंतर है। 2025 की एक स्टडी में भारतीय बाजार में एरिथ्रोसिन और एजोरूबिन जैसे रंग पाए गए, जो अमेरिका में प्रतिबंधित हैं.
पैक्ड फूड में एडिटिव्स का खेल
ब्यूटिलेटेड हाइड्रॉक्सीएनिसोल एक एंटीऑक्सिडेंट प्रिजर्वेटिव है, जिसका उपयोग खाद्य पदार्थों में फैट को खराब होने से रोकने के लिए किया जाता है। भारत में इसके उपयोग पर सवाल उठाए गए हैं, खासकर जब अन्य देशों में इसके स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर चिंताएं हैं.
खाद्य सुरक्षा पर ध्यान
भारत में खाद्य सुरक्षा पर ध्यान कम दिया गया है, लेकिन हाल के समय में महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सख्ती के बाद लोगों का ध्यान इस ओर गया है। एनालॉग पनीर जैसे उत्पादों के साथ-साथ कई अन्य खाद्य पदार्थों का उपयोग भी स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.