×

भारत में एलपीजी और क्रूड तेल की आपूर्ति में तेजी

भारत में हाल ही में अमेरिका से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) और रूस से क्रूड तेल की नई खेप पहुंची है। पिछले एक सप्ताह में कई जहाजों ने भारत की ओर यात्रा की है। फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों की स्थिति और वैश्विक तेल की कीमतों में संभावित वृद्धि के बारे में जानें। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संघर्ष जारी रहा, तो तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
 

भारत में एलपीजी की नई खेप


रूस से क्रूड तेल की आपूर्ति
एक कार्गो जहाज, जो अमेरिका के टेक्सास से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) लेकर आया है, रविवार को मेंगलुरु पोर्ट पर पहुंचा। इसके साथ ही, एक अन्य जहाज रूस से क्रूड तेल लेकर भारत आया है। पिछले एक सप्ताह में लगभग पांच जहाज समुद्र के रास्ते गैस और कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचे हैं।


फारस की खाड़ी में भारतीय जहाज

फारस की खाड़ी में अभी भी लगभग 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, लेकिन सभी सुरक्षित हैं। होर्मुज स्ट्रेट, जो इस क्षेत्र में स्थित है, विश्व के महत्वपूर्ण शिपिंग रूट्स में से एक है, जहां से लगभग 20% वैश्विक तेल की आपूर्ति होती है।


पिछले एलपीजी कैरियर्स की जानकारी

इससे पहले, 18 मार्च को क्रूड ऑयल टैंकर जग लाडकी गुजरात के अडाणी पोर्ट पर पहुंचा था। इसके अलावा, दो अन्य एलपीजी कैरियर्स, एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी, 16 और 17 मार्च को लगभग 92,712 मीट्रिक टन गैस लेकर भारत आए थे। ये सभी जहाज होर्मुज के रास्ते से गुजरे थे।


तेल की कीमतों में वृद्धि की चेतावनी

ईरान के ऊर्जा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहा संघर्ष अगले 10 दिनों तक जारी रहता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। महदी अरबसादेग, जो ईरान के इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संस्थान से जुड़े हैं, ने कहा कि होर्मुज बंद होने के कारण हर दिन लगभग 2.1 करोड़ बैरल तेल की आपूर्ति रुक गई है, जिससे बाजार पर बड़ा प्रभाव पड़ा है।


तेल की कीमतों में वृद्धि

उन्होंने बताया कि होर्मुज बंद होने से पहले तेल की कीमत लगभग 65 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब तेजी से बढ़कर 119 डॉलर तक पहुंच गई है, जबकि अमेरिका कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।