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भारत में एलपीजी संकट: सरकार ने दी जानकारी, लेकिन लोग परेशान

भारत में एलपीजी संकट गहराता जा रहा है, जहां सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कमी से इनकार किया है, लेकिन गैस की बढ़ती मांग ने चिंता बढ़ा दी है। ईरान के साथ संघर्ष के कारण गैस बुकिंग में भारी वृद्धि हुई है, जिससे लोग परेशान हैं। कई राज्यों में केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है, लेकिन गैस की कालाबाजारी और लंबी कतारें आम हो गई हैं। जानें इस संकट का असर विभिन्न उद्योगों पर और सरकार की प्रतिक्रिया क्या है।
 

एलपीजी बुकिंग में वृद्धि


एक दिन में लगभग 75.7 लाख सिलेंडर की हो रही बुकिंग


भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के कारण एलपीजी की स्थिति चिंताजनक है। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के कारण गैस बुकिंग में लगभग 20 लाख की वृद्धि हुई है। पहले, रोजाना औसतन 55.7 लाख सिलेंडर बुक होते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 75.7 लाख हो गई है।


राज्यों को अतिरिक्त केरोसिन आवंटन

मंत्रालय ने राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया है। राज्यों से अनुरोध किया गया है कि वे जिलों में केरोसिन वितरण के लिए स्थान निर्धारित करें। इसके साथ ही, वैकल्पिक ईंधन के लिए कोल इंडिया को निर्देश दिए गए हैं कि वे छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को कोयला उपलब्ध कराएं।


एलपीजी की आपूर्ति में कोई कटौती नहीं

सरकार ने कहा है कि एलपीजी की पैनिक बुकिंग की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि किसी भी डीलर पर गैस खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। 9 मार्च 2026 को जारी नेचुरल गैस ऑर्डर के तहत कई सेक्टरों को प्राथमिकता दी गई है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति बिना किसी कटौती के जारी है।


कच्चे तेल की रिफाइनिंग क्षमता

भारत के पास कच्चे तेल के लिए 258 मिलियन मीट्रिक टन की रिफाइनिंग क्षमता है। सभी रिफाइनरियां वर्तमान में 100% या उससे अधिक क्षमता पर कार्य कर रही हैं। रिफाइनरियों के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है और सप्लाई लगातार जारी है।


एलपीजी की किल्लत का असर


अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण देशभर में एलपीजी की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई स्थानों पर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी हो रही है। पंजाब में लोग सिलेंडर लेकर भागते हुए नजर आ रहे हैं।


राजस्थान में सिलेंडर की शवयात्रा

राजस्थान के कोटा सहित कई शहरों में हॉस्टल मेस और ढाबों में मजबूरी में लकड़ी, कोयले और इलेक्ट्रिक चूल्हों का उपयोग किया जा रहा है। कई शहरों में सुबह 5 बजे से ही लंबी लाइनें लग रही हैं। इस संकट के बीच, कांग्रेस ने जयपुर में सिलेंडर की शवयात्रा निकाली।


यूपी में फैक्ट्रियों पर असर

उत्तर प्रदेश में गैस सप्लाई की कमी के कारण कई फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं। बुलंदशहर में एशिया के सबसे बड़े पॉटरी उद्योग पर इसका गंभीर असर पड़ा है। यहां 300-325 यूनिट में से 95% यूनिट बंद हैं, जिससे 30,000 से अधिक श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं।